महोली कोतवाली इलाके में वोट न देने पर एक व्यक्ति की लाठियों से पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं। प्रधानी चुनाव में सगे चाचा-भतीजे की पत्नियां चुनाव मैदान में थीं।
मृतक ने भतीजे की पत्नी को सपोर्ट किया था। हालांकि चुनाव में दोनों प्रत्याशी हार गए। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
महोली पुलिस के मुताबिक पिसावां ब्लॉक की ग्राम पंचायत चिरौला से रूरा गांव निवासी हरदयाल की बहू रामवती पत्नी राकेश व हरदयाल के छोटे भाई सोबरन की पत्नी सावित्री ने चुनाव लड़ा था।
रविवार को मतगणना के बाद ये दोनों चुनाव हार गए। यहां से सुनीता देवी चुनाव जीत गईं, जबकि राकेश की पत्नी दूसरे व सोबरन की पत्नी तीसरे स्थान पर रहीं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद चुनाव हार कर जब ये लोग गांव पहुंचे तो वहां झगड़ने लगे। इस बीच सोबरन पक्ष ने अपने तीसरे भाई रामेश्वर (55) पर राकेश की मदद करने का आरोप लगा कर लाठियों से हमला कर दिया।
हमले में रामेश्वर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पिटाई से जख्मी रामेश्वर को परिवार के अन्य लोग उपचार के लिए ले जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद हमलावर भाग निकले।
राकेश पक्ष का आरोप है कि वोट न देने के खातिर सोबरन के परिवार के लोगों ने सगे भाई रामेश्वर की पीट कर हत्या कर दी है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक कोई तहरीर थाने में नहीं दी गई।
खबर पाते ही सीओ सदर उमाशंकर सिंह, महोली कोतवाल रंगबहादुर सिंह ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की है। इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले में तहरीर आने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।