बदमाशों ने एक बालक की हत्या कर शव को नहर किनारे फेंक दिया। बालक रविवार दोपहर से लापता था। सोमवार को उसका शव बरामद हुआ। बालक का गला बेल्ट से कसा था। उसके शरीर पर सिगरेट से दागने के कई निशान मिले। पुलिस ने मौके से सिगरेट के टुकड़े, डिस्पोजल ग्लास, दोने आदि बरामद किए हैं।
घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। हालांकि, वारदात के पीछे रंजिश मानी जा रही है। सूचना पर एसपी बालेंदु भूषण सिंह, एएसपी, क्राइम ब्रांच व डॉग स्क्वॉयड टीम ने जांच की है। मानपुर थाना क्षेत्र के हथिया गाजीपुर गांव निवासी शोभित उर्फ तुषार सिंह (11) पुत्र राम प्रताप सिंह अपने मामा राकेश सिंह के साथ बिसवां के शंकरगंज में रहता था।
यहीं रहकर वह कक्षा चार की पढ़ाई कर रहा था। बताते हैं कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे तुषार सिंह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। परिवार वालों ने खोजबीन के साथ ही बिसवां कोतवाली में सूचना दी। सोमवार को भी उसका पता लगाया जा रहा था।
इसी बीच दोपहर करीब 11 बजे मानपुर थाने में किसी ने सूचना दी कि एक बालक का शव सीतापुर-बिसवां मार्ग पर गुरेरा पेट्रोल पंप के करीब रजबहा के किनारे खेत में पड़ा है। सूचना पर मानपुर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच पड़ताल में शव की पहचान तुषार सिंह के रूप में की गई।
खबर पाकर मृतक के परिवारीजन भी पहुंच गए। एसपी बालेंदु भूषण सिंह, एएसपी मनोज सोनकर, डॉग स्क्वॉयड, क्राइम ब्रांच ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मृतक के गले में रबर की बेल्ट कसी थी। उसके शरीर पर सिगरेट से जलाने के निशान भी थे।
मासूम तुषार के लापता होने के बाद बिसवां पुलिस ने जानकारी होने के बाद भी लापरवाही की। यह आरोप मृतक के बाबा व रिटायर्ड कानूनगो सुफल सिंह ने लगाया है। उन्होंने कहा कि बच्चे के लापता होने की सूचना बिसवां कोतवाली पुलिस को दी गई।
इसके बाद पुलिस ने देर शाम फोटो व तहरीर लेकर आने को कहा। आरोप है कि शाम साढ़े सात बजे बिसवां पुलिस ने तहरीर व फोटो ले ली। लेकिन उसके बाद से कोई सूचना नहीं दी। अगर पुलिस तत्काल सक्रिय हो जाती तो बच्चे की जान बच सकती थी। एसपी बालेंदु भूषण ने कहा कि बिसवां पुलिस की लापरवाही निकलती है तो दोषियों को दंड दिया जाएगा।