तालगांव के कबीर पंथी आश्रम के व्यवस्थापक जौनपुर निवासी हरि प्रसाद की हत्या कर दी गई। गुरुवार को आश्रम परिसर के पास दुर्गंध आने पर लोगों ने झाड़ियों में देखा तो उनका शव बरामद हुआ।
शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। वहीं आश्रम के स्टोर रूम का सामान बिखरा पड़ा था। बक्से भी खुले मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि लूटपाट के विरोध में हत्या की गई होगी। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तालगांव में लश्करपुर गांव के पास ‘साहब बंदगी’ नाम से एक एकड़ में कबीर पंथी आश्रम है। जौनपुर जिले के सरपतहा थाना क्षेत्र के दुखईपुरा मजरा संबल शाहपुर गांव निवासी हरि प्रसाद (52) पुत्र रामकृपाल आश्रम की व्यवस्था देखते थे।
वह करीब ढाई साल से यहीं रहते थे। गुरुवार सुबह ग्रामीण आश्रम के पास से गुजरे तो वहां से तेज दुर्गंध आ रही थी। गेट पर ताला लगा हुआ था। शक होने पर ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना प्रधान को दी।
प्रधान मौके पर पहुंचे और आश्रम परिसर में जांच की। इस बीच कार्यक्रम के लिए बने मंच के पीछे झाड़ियों में हरि प्रसाद का शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही आसपास के सैकड़ों लोग जुट गए।
खबर पाकर इंस्पेक्टर आमोद रंजन भी आ गए। जांच में शरीर पर चोटों के निशान मिले। जांच में आश्रम के गोदाम में रखा सामान बिखरा पड़ा था। वहां रखे बक्से भी खुले पड़े थे।
ग्रामीण अंदेशा जता रहे है कि बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से पहले आश्रम पर धावा बोला और विरोध में हरि प्रसाद की हत्या कर दी। हालांकि पुलिस अभी भी घटना के कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इंस्पेक्टर का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हो सकेगी। मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।