अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की चेक के बदले एक लेखपाल पर अवैध वसूली का आरोप लगा है। मामले को डीएम ने देखा तो लेखपाल मौके से नदारद हो गया, जबकि उसका सहयोगी पकड़ा गया।
उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। डीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया है। मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन था। यहां पर डीएम डॉ. इंद्रवीर सिंह यादव लोगों की फरियाद सुन रहे थे।
इसी बीच सलारपुर के ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की कि नबीनगर क्षेत्र के लेखपाल ब्रम्हादीन किसानों को अतिवृष्टि के मुआवजे का चेक देने के बदले 500 रुपये तक अवैध वसूली कर रहे हैं।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया और लेखपाल के कार्यालय पहुंचे, यहां पर डीएम को आते देख लेखपाल निकल भागा। जबकि उसका सहयोगी पकड़ा गया। प्रशासन ने उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहरसा निवासी नेकराम के रूप में हुई है। आरोप है कि यह लेखपाल का सहयोगी है, अवैध वसूली करने में ब्रम्हादीन की मदद करता है।
उधर, जिलाधिकारी ने इस शिकायत की गंभीरता को देखते हुए लेखपाल ब्रम्हादीन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रभारी निरीक्षक विनय गौतम ने बताया कि इस संबंध में कोई भी मामला कोतवाली में नहीं दर्ज है।