पंजाब प्रांत से सीतापुर होकर बिहार जाने वाली जननायक एक्सप्रेस में छह डकैतों ने उत्पात मचाया। कई यात्रियों को असलहों की बट से पीटा और उनसे हजारों रुपये का माल लूट लिया। चलती ट्रेन में लूटपाट के बाद गाड़ी के बाराबंकी जिले में पहुंचते ही डकैत चेन पुलिंग कर भाग निकले। वारदात चार दिसंबर की है।
मंगलवार को मामला संज्ञान में आने पर जीआरपी ने केस दर्ज कर लिया है। कई लोग हिरासत में लिए गए हैं। लूटा गया माल बरामद कर लिया गया है। हालांकि अफसर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
पंजाब से बिहार जाने वाली जननायक एक्सप्रेस में बीती चार दिसंबर की रात छह बदमाश बिसवां रेलवे स्टेशन से एक बोगी में चढ़ गए। डकैतों ने ट्रेन के रवाना होते ही बोगी में बैठे यात्रियों को असलहों के बल पर धमकाया और विरोध करने पर पीटा। महमूदाबाद के आसपास यात्रियों को पीटकर हजारों रुपये का माल लूट लिया था।
बाराबंकी जिले के सुढ़ियामऊ के पास डकैत चेन पुलिंग कर उतर भागे थे। गाड़ी जब बाराबंकी पहुंची तो पीड़ित यात्रियों ने बाराबंकी जीआरपी को जानकारी दी थी। इसके बाद हड़कंप मच गया। जिसके बाद मामला सीतापुर जीआरपी के हवाले किया गया। सूत्र बताते हैं कि सीतापुर जीआरपी ने मामले में केस दर्ज कर डकैती में शामिल लोगों की तलाश शुरू की।
इस बीच जीआरपी ने कई लोगों को दबोच लिया है। दबोचे गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसी सिलसिले में एसपी जीआरपी अनीस अंसारी, सीओ भरत सिंह भी सीतापुर पहुंचे। बदमाशों को पकड़ने के लिए कई टीमें लगाई गई थीं। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने महमूदाबाद के कई लोगों को पकड़ा है।
इनमें बाबूपुर निवासी एक युवक से भी जीआरपी ने कड़ी पूछताछ की है। लूट का कुछ माल भी बरामद किया गया है। हालांकि जीआरपी कुछ नहीं बता रही है। सीतापुर आए सीओ भरत सिंह ने मामले को लेकर कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। उनका कहना है कि अभी कुछ नहीं बता सकते, लेकिन आने वाले दिन सब कुछ सामने आ जाएगा। एसपी जीआरपी अनीस अंसारी ने बताया कि अभी जांच चल रही है। जल्द ही जानकारी दी जाएगी।