समाज कल्याण अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर विभिन्न बैंकों से सरकारी धन निकालने के आरोप में पुलिस ने चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। माना जा रहा है कि ठगों ने जालसाजी कर लाखों रुपये सरकारी धन हड़प लिया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि सहादतनगर स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा ने पत्र भेज बीते एक फरवरी को जारी एक पत्र की पुष्टि मांगी थी। इसी बीच जिला सहकारी बैंक शाखा हरगांव के शाखा प्रबंधक रामलाल ने बीते 28 अप्रैल को ऐसे ही फर्जी पत्र मिलने पर पुष्टि मांगी थी।
बताया गया कि वीरेंद्र ने उनसे अवशेष पड़ी छात्रवृत्ति की धनराशि डिमांड ड्राफ्ट के जरिए लेने का प्रयास किया है। वीरेंद्र 29 अप्रैल को पुन: बैंक शाखा आया है। इस पर समाज कल्याण अधिकारी ने बिना देरी हरगांव पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले से अवगत कराया।
समाज कल्याण अधिकारी स्वयं अपने सहायक लेखाकार रामशरण के साथ बिना वर्दी वाले पुलिस कर्मियों को लेकर जिला सहकारी बैंक शाखा हरगांव पहुंचे। इस पर समाज कल्याण विभाग व पुलिस टीम ने हरगांव बैंक शाखा से लखीमपुर खीरी के मितौली थाना क्षेत्र के संडिलवा गाजीपुर निवासी वीरेंद्र कुमार पुत्र हरिशचंद्र, उसके सहयोगी खीरी जिले के नीमगांव क्षेत्र के घूरखेड़ा निवासी अनुज कुमार पुत्र रामचंद्र को बैंक शाखा से पकड़ लिया गया।
इन दोनों के मुख्य सहयोगी लखीमपुर खीरी के कमलापुर शिव कालोनी निवासी राकेश कुमार पांडेय व लखीमपुर कोतवाली के बुद्धबिहारी मंदिर वाली गली रामनगर निवासी पियूष गौतम को भी वीरेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने पकड़ लिया।
पूछताछ में इन लोगों ने अपने साथ अन्य लोगों के होने की भी पुष्टि की। तलाशी पर इन लोगों के पास से जिला समाज कल्याण अधिकारी सीतापुर की फर्जी मुहर, लखनऊ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा बिलरिया सहित कई बैंक शाखाओं के बैंक ड्राफ्टर, कई फर्जी पत्र, कई लोगों के खाता नंबर आदि बरामद हुए।
पकड़े गए लोगों को हरगांव थाने ले जाया गया। जहां समाज कल्याण अधिकारी की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार का कहना है कि आरोपियों के पास से बरामद कूटरचित दस्तावेजों से प्रतीत होता है कि ये लोग समाज कल्याण कार्यालय के फर्जी पत्र के माध्यम से सरकारी धन को डिमांड ड्राफ्ट के जरिये हासिल करने का प्रयास कर रहे थे।