सदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भुलभुलियापुर निवासी जयंत्री प्रसाद (50) अपने परिवार के साथ टिन शेड के नीचे सो रहा था। उसके घर के बगल में रामसिंह की ईंट की दीवार खड़ी थी।
शनिवार देर रात तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। इसी बीच तेज हवा के झोंके से रामसिंह की दीवार जयंत्री प्रसाद के घर की दीवार पर गिर गई।
इससे टिन शेड के नीचे सो रहा पूरा परिवार दीवार के मलबे में दब गया। शोर सुनकर पड़ोसी भी घरों के बाहर निकल आए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला लेकिन तब तक जयंत्री प्रसाद व उनके पौत्र सौरभ उर्फ राज (4) की दबकर मौत हो चुकी थी।
जबकि जयंत्री की पत्नी ऊषा देवी (45) व पुत्र राहुल (16) गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। दोनों घायलों को महमूदाबाद सीएचसी से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। वहां ऊषा की हालत बेहद चिंताजनक बताई जा रही है।
वहीं इमलिया सुल्तानुपर थाना क्षेत्र के ग्राम गोहरैया निवासी कल्लू (28) रविवार की सुबह छप्पर के नीचे झाड़ू लगा रहा था। उसी दौरान छप्पर दीवार समेत गिर गया और कल्लू उसके नीचे दब गया।
ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और उसे बाहर निकाला लेकिन तब तक कल्लू की दबकर मौत हो चुकी थी। महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मदारीपुर निवासी रामाधार (55) कस्बे के मोहल्ला सहजनी निवासी विजय की आटा चक्की पर नौकरी करता था।
शनिवार रात वह चक्की में पड़े छप्पर के नीचे सो रहा था। इसी बीच आंधी व पानी से छप्पर दीवार समेत गिर गया। इससे रामाधार की मौके पर ही दबकर मौत हो गई।
सुबह जब चक्की स्वामी जानवरों को चारा डालने के लिए वहां पहुंचा, तब घटना की जानकारी हो सकी। जिसके बाद छप्पर हटाकर दबे हुए रामाधार को बाहर निकाला गया।
इसके अलावा तंबौर-खैराबाद में एक-एक व मिश्रिख व रामकोट में दीवारें ढहने से तीन-तीन लोग जख्मी हो गए। अटरिया में टिन शेड ढहने से छह लोग चोटिल हो गए।