सीतापुर में महोली के दंपतीशहर की आगा कॉलोनी स्थित आयुष्मान क्लीनिक के कंपाउंडर की लापरवाही से सोमवार को एक नवजात की जान चली गई। तीन दिन के बच्चे के दूध न पीने पर परिवारीजन उसे दिखाने के लिए क्लीनिक गए थे।
आरोप है कि क्लीनिक में डॉक्टर न होने पर कंपाउंडर ने जबरन इंजेक्शन लगा दिया। इसके कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई और मासूम ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
मासूम की मौत से आक्रोशित परिवारीजनों ने कंपाउंडर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर के बाहर हंगामा किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करने का आश्वासन देकर किसी तरह शांत कराया
महोली के कुंवरपुर गढ़ी निवासी मुन्नी पत्नी मुबारक अली ने तीन दिन पहले महोली सीएचसी में एक बच्चे को जन्म दिया था। डिस्चार्ज होकर घर जाने के बाद नवजात दूध नहीं पी रहा था। इस पर दंपती रविवार को शहर की आगा कॉलोनी स्थित आयुष्मान क्लीनिक में उसे दिखाने लाए थे।
आरोप है कि सुबह आठ बजे अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। यहां पर कंपाउंडर ने बच्चे का हाल पूछा। इसके बाद उसने एक इंजेक्शन लगा दिया, लेकिन इंजेक्शन लगाने के पांच मिनट बाद ही उसकी हालत बिगड़ने लगी। बच्चे के हाथ में लगे वीगो से खून बहने लगा।
उसकी हालत देखकर घबराए कंपाउंडर ने दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। मना करने पर उसे जबरन क्लीनिक से बाहर कर दिया। गेट के बाहर पहुंचने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया। इस घटना से नाराज
परिवारीजनों ने अस्पताल परिसर के बाहर जमकर हंगामा काटा। वहीं खबर लगते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। हालांकि पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है।