फर्जी दस्तावेज बनवाकर किसानों की जमीनों का सौदा करने के मामले में एसडीएम सदर ने भूमाफिया के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश थानाध्यक्ष कमलापुर को दिए हैं। बैनामा लेखक की ओर से जमीनें खरीदने वाले दो लोगों के खिलाफ सहायक महानिरीक्षक निबंधक कार्यालय में रजिस्ट्री कैंसिल करने के लिए वाद दायर किया है। जमीनों के फर्जी बैनामा निरस्त कराकर खरीदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई कराने की बात भी रजिस्ट्रार ने कही है।
अमर उजाला ने 12 सितंबर के अंक में ‘फर्जी दस्तावेजों से हड़पी किसानों की जमीनें’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशन के बाद हरकत में आए प्रशासन ने इस सनसनीखेज मामले में जांच व कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। मालूम हो, कि ब्लॉक खैराबाद की ग्राम पंचायत सरवरपुर केसरिया में तीन किसानों की साढ़े सत्रह बीघा जमीन भूमाफिया ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर बेच दी थी।
भूमाफिया के मजबूत नेटवर्क का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि जिन किसानों की जमीनें बेची गई उन्हें कानोंकान खबर नहीं हुई। इन किसानों के पास तहसील प्रशासन ने जब दाखिल-खारिज की नोटिस भेजी तो उनके होश उड़ गए। इनमें किसान बाबूराम, सुशील कुमार तथा श्रीकृष्ण की जमीनें बिक चुकी थीं।
मामले का खुलासा हुआ तो भूमाफिया किसानों पर अपनी जमीनें उनके नाम लिखने का दबाव बनाने लगे। ऐसा न करने पर किसानों को धमकी तक दे डाली। एसडीएम सदर प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि थानाध्यक्ष कमलापुर को दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
रजिस्ट्रार श्याम सिंह बिसेन ने बताया कि जमीनें खरीदने वाले शिवपाल सिंह और कांती सिंह के खिलाफ फर्जी बैनामा निरस्तीकरण के लिए सहायक आयुक्त अनिल कुमार सिंह के समक्ष वाद दायर किया गया है। बैनामा निरस्त होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।