नवरात्र पर कलश भरने गया एक किशोर गुरुवार को घाघरा नदी में डूब गया। वहीं लोगों का शोर सुनकर कुछ दूर खड़े एक युवक ने पल झपकते ही नदी में छलांग लगा दी। करीब 10 मिनट की जद्दोजहद के बाद युवक उसे सकुशल नदी से निकाल लिया। युवक की बहादुरी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
ग्राम जगदीशपुर स्थित काली माता के मंदिर में नवरात्र पर कलश भरने की परंपरा है। इसी परंपरा के तहत गुरुवार को गांव के श्रद्धालु कलश भरने घाघरा नदी के तट पर गए थे। श्रद्धालु घाघरा में स्नान कर कलश भर रहे थे। इसी बीच गांव के रामसिंह का पुत्र मुकेश (15) नहाते समय नदी की गहराई में पहुंच गया।
बहाव तेज होने के कारण वह नदी में बहने लगा। यह देख वहां मौजूद लोग शोर मचाने लगे, पर नदी में पानी अधिक होने से किसी की भी कूदने की हिम्मत नहीं हुई। इसी बीच वहां खड़े जगदीशपुर निवासी सुनील सिंह ने बिना देरी किए नदी में छलांग लगा दी। करीब 10 मिनट की जद्दोजहद के बाद सुनील मुकेश के करीब पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाल लाया।
हालांकि अधिक मात्रा में पानी पेट में चला जाने से उसकी हालत बिगड़ चुकी थी लेकिन लोगों ने पेट से पानी निकालकर उसे ठीक किया। मुकेश की जान बचाने वाले सुनील की बहादुरी की लोग सराहना कर रहे हैं।