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कम मीठी निकली बिसवां मिल की चीनी

Mon, 25 Jul 2016 11:49 PM IST
Amar ujala Bureau
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बिसवां शुगर मिल में ‘चीनी कम’ मेरठ की राजकीय प्रयोगशाला की जांच में फेल हुआ नमूना एफएसडीए की टीम ने जनवरी में भरा था सैंपल मिल प्रशासन को नोटिस सीतापुर। बिसवां शुगर मिल की चीनी जांच में फेल हो गई है।
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जांच रिपोर्ट में ‘चीनी कम’ मिली है। इस चीनी में सुक्रोज की मात्रा महज 57 फीसदी निकली। जबकि इसकी मात्रा 98 प्रतिशत होनी चाहिए। मेरठ की राजकीय प्रयोगशाला में हुई जांच में इसकी पुष्टि हुई है। मामले में चीनी मिल को नोटिस जारी किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने यह नमूना जनवरी में लिया था।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी करुणा शंकर कामले ने 8 जनवरी 2016 को बिसवां चीनी मिल में छापा मारा था। मौजूद चीनी के स्टॉक से एक नमूना लेकर जांच के लिए मेरठ की राजकीय प्रयोगशाला भेजा था। वहां से आई रिपोर्ट में नमूना अधोमानक मिला है। चीनी में सुक्रोज की मात्रा 57 प्रतिशत मिली। जबकि यह 98 प्रतिशत होनी चाहिए।
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सुक्रोज कम होने से चीनी की मिठास कम होगी। इस पर चीनी मिल को नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, एफएसडीए ने मिल प्रशासन को सेंट्रल लैब से इस नमूनों को दोबारा जांच कराने के लिए एक माह का मौका दिया है। अगर मिल प्रशासन सेंट्रल लैब के लिए चैलेंज नहीं करता है तो विभाग मुकदमा दर्ज करवाएगा।

ये नमूने हुए फेल खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार सोनी ने फरवरी 2016 में विजय लक्ष्मी नगर निवासी राजेंद्र प्रसाद के यहां से छेने की मिठाई का नमूना लिया था। प्रयोगशाला जांच में इसमें स्टार्च मिला है। शहर के सुनील कुमार के यहां से मावा का नमूना भरा था। इसमें मिल्क फैट कम मिला है।

चौबेटोला निवासी अजय कुमार के यहां से बालू शाही का नमूना भरा। यह मिसब्रांड साबित हुआ है। पैकेजिंग पर नियमों का उल्लंघन मिला। इन व्यापारियों को नोटिस जारी किया जाएगा।  कम मिली शुद्धता जांच वैल्यू खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक कुमार मिश्र ने जून 2016 में रामगढ़ शुगर मिल के निकट बोधराज राठौर के यहां से सरसों तेल का नमूना भरा था।

प्रयोगशाला जांच में इसमें शुद्धता जांच वैल्यू दो प्रतिशत अधिक मिली है। वहीं विजयलक्ष्मी नगर निवासी राजेंद्र प्रसाद के यहां से दही का नमूना लिया था। इसमें मिल्क फैट की मात्रा कम मिली है। इस पर व्यापारियों को नोटिस जारी की गई है।

सेंट्रल लैब में भी हुआ फेल खाद्य सुरक्षा विभाग ने 17 दिसंबर 2015 को आर्यनगर की हरियाणा दाल एवं आयल मिल में छापा मारा था। यहां से सरसों तेल का नमूना भरा। प्रयोगशाला जांच में तेल में टेस्ट की मात्रा अधिक मिली थी। इस पर इसे सेंट्रल लैब से जांच के लिए दावा किया था।

वहां से आई रिपोर्ट में भी टेस्ट में फेल हुआ है। अब व्यापारी के खिलाफ वाद दायर कराया जाएगा।  भेजा जा रहा नोटिस अभिहित अधिकारी वीके सहाय ने बताया कि प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट में सभी नमूने अधोमानक साबित हुए है। व्यापारियों को नोटिस भेजी जा रहा है। एक माह तक दोबारा जांच का मौका दिया जाएगा। उसके बाद वाद दायर कराया जाएगा।
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