जिला अस्पताल में तैनात एक एएनएम ने मंगलवार सुबह शहर के घूरामऊ बंगला स्थित घर में खुद को आग लगा ली। मोहल्ले के लोगों से सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ किसी तरह आग पर काबू पाया।
आननफानन जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच होगी। हालांकि महिला के भाई ने जलाकर मार देने की आशंका जताई है।
घूरामऊ बंगला मोहल्ला निवासी अंजू बाजपेयी (30) पत्नी अंकित जिला महिला चिकित्सालय में एएनएम के पद पर तैनात थी। पति अंकित प्राइवेट स्कूल में टीचर है। मोहल्ले के लोगों की मानें तो अंजू के दोनों बच्चे मंगलवार सुबह स्कूल चले गए। इसके बाद वह भी तैयार होकर अस्पताल चली गई, लेकिन कुछ देर बाद ही वह अस्पताल से लौट आई।
थोड़ी देर बाद अचानक उसके कमरे से धुआं निकलने लगा। धुएं का गुबार बढ़ते देख मोहल्ले के लोगों ने फौरन पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस किसी तरह दरवाजा तोड़ा तो अंजू लपटों से घिरी हुई थी। खबर पाकर पति अंकित भी आ गया। इस बीच किसी तरह आग पर काबू पाकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं खबर पाकर रामकोट के खूबपुर निवासी अंजू का भाई अनुराग मिश्रा व अन्य मायके वाले भी पहुंच गए। ससुराल वालों का कहना है कि अंजू ने खुद को आग लगाई है। अनुराग के मुताबिक उसकी बहन की 2005 में शादी हुई थी। उसके दो बच्चे हैं। बहन व बहनोई में अक्सर विवाद होता रहता था।
उसने बताया कि बहन की लाश पर चोटों के निशान भी मिले हैं, जिससे उसे हत्या किए जाने की आशंका है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक उसने कोई तहरीर नहीं दी थी। कोतवाल परशुराम सिंह का कहना है कि हत्या या दहेज हत्या जैसी कोई घटना प्रतीत नहीं हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।