आधार कार्ड और बैंक अकाउंट के जरिए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले बांग्लादेशी को मंगलवार को लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) ने कौशांबी बस अड्डे से धर दबोचा। वह करीब पांच साल से कौशांबी के एक कबाड़ी की दुकान पर काम कर रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
एलआईयू एसआई गुलनाज ने बताया कि आरोपी मुस्तफा खान (34) ने कुछ दिन पहले पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। मुखबिर से सूचना मिली कि वह बांग्लादेशी है। जांच में पाया गया कि वह बांग्लादेश से अवैध रूप से कोलकाता पहुंचा। वहां से कौशांबी आकर रहने लगा। खुद को बंगाली बता कर वह यहां एक कबाड़ी की दुकान में काम करता था।
मंगलवार को उसे कौशांबी बस अड्डे के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से आधार कार्ड और बैंक पासबुक बरामद की गई है। एलआईयू के अनुसार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसने बैंक अकाउंट खुलवाया और अब पासपोर्ट बनवाने की फिराक में था।
17 जनवरी 2015 को भी साहिबाबाद के पसौंडा में रहने वाले बांग्लादेशी परिवार को पुलिस ने धर दबोचा था। महिला और उसका पति फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने की फिराक में थे। 10 जनवारी को एलआईयू और पुलिस के संयुक्त अभियान में कौशांबी से एक संदिग्ध बांग्लादेशी पकड़ा था।
13 जुलाई 2013 को पुलिस ने पसौंडा निवासी बांग्लादेशी दंपति और उनके बेटे को गिरफ्तार किया था। तीनों ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। एलआईयू ने जांच में गड़बड़ी पाई और तीनों को दबोच लिया गया।