हत्या के एक मामले में पूछताछ के बाद पुलिस हिरासत से लौटे युवक की गुरुवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाते हुए लहरपुर-तम्बौर मार्ग पर शव रख कर जाम कर दिया। इससे करीब तीन घंटे तक वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। एएसपी व एडीएम के पहुंचने के बाद लोग किसी तरह लोग शांत हुए और रास्ता छोड़ा। परिवारीजन 50 लाख रुपये मुआवजा व दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लहरपुर के लालपुर बाजार में गुजरा नाम की युवती की करीब 10 दिन पूर्व गला काट कर हत्या कर दी गई थी। मामले में मायके वालों ने मृतक के पति व ससुर को नामजद किया था, लेकिन कोतवाली पुलिस युवती के मायके लालपुर निवासी शिवपूजन (27) पुत्र शत्रोहन को पूछताछ के लिए 13 नवंबर को ले गई थी।
उसी दिन उसे भी छोड़ दिया था, लेकिन आरोप है कि दूसरे दिन फिर उसे थाने बुला लिया। परिवारीजन का कहना है कि बुधवार को कोतवाली से फोन आया, कि वह लोग शिवपूजन को ले जाएं। जिसके बाद परिवार के लोग शिवपूजन को घर ले आए थे, लेकिन उसकी हालत बेहद खराब थी।
परिवारीजन का कहना है कि गुरुवार को सीएचसी लहरपुर ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। उधर, युवक की मौत से गुस्साए लोगों ने लहरपुर-तम्बौर मार्ग पर बरेती गांव के पास शव रखकर जाम लगा दिया। मृतक के परिवारीजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से शिवपूजन की मौत हुई है।
घटना को लेकर लालपुर, बरेती, सुमलिया सहित कई गांवों के सैकड़ों लोग सड़क पर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक वाहनों का आवागमन बाधित रहा, जिससे दर्जनों वाहनों की कतारें लग गईं। खबर पाकर एसडीएम व सीओ मौके पर पहुंचे। लोगों को मनाने की कोशिश की, लेकिन हंगामा नहीं थमा। इसके बाद एडीएम सर्वेश कुमार व एएसपी जेपी सिंह मौके पर पहुंचे।
मृतक के भाई ने 50 लाख रुपये मुआवजे, चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों ने प्रार्थना पत्र लेकर जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद लोग माने और रास्ता छोड़ा।