दीवानी कचहरी में गुरुवार को ट्रिपल मर्डर मामले के एक संदिग्ध को पकड़ने गए पुलिसकर्मियों व वकीलों के बीच झड़प हो गई। इस पर सिपाही लौट आए। कुछ घंटे बाद ही पुलिस कर्मी उसी संदिग्ध को कचहरी परिसर से उठा ले गए, जिसको लेकर वकीलों ने जमकर नारेबाजी की।
अधिवक्ताओं का कहना था कि पुलिस संदिग्ध को न्यायालय से उठा ले गई। अधिवक्ताओं द्वारा प्रभारी जिला जज के सामने यह मामला उठाया तो अदालत ने सख्त रुख अख्तियार किया।
अदालत के सख्त तेवर से पुलिस बैकफुट पर आ गई। दो घंटे बाद फिर से संदिग्ध को अदालत में पेश किया। जिसके बाद सीजेएम ने आरोपी को जिला कारागार भेज दिया।
बताते हैं कि रामकोट थाना क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी निवासी सूरज यादव ने अपने विरुद्ध चल रहे एक अन्य विचाराधीन वाद में जमानत कटवा कर जेल जाने कर तैयारी की थी।
उसके जमानतदार छत्रपाल की तरफ से न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र पर सूरज ने सीजेएम सीतापुर के न्यायालय में आत्म समर्पण किया लेकिन इसी बीच शहर कोतवाली पुलिस उसे उठा ले गई।
इसकी भनक लगते ही अधिवक्ता भड़क उठे। अधिवक्ताओं का हुजूम पूर्व अध्यक्ष हरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में नारेबाजी करता हुआ प्रभारी जिला जज डीएसपी श्रीवास्तव के पास पहुंच गया।
प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने आरोपी सूरज यादव को तत्काल न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए गए। अदालत का सख्त रुख देख पुलिस भी बैकफुट पर आ गई और दो घंटे में ही उठाया गया आरोपी न्यायालय के सामने पेश किया गया, जहां सीजेएम रनवीर सिंह ने पत्रावली पर आदेश करते हुए आरोपी को जिला कारागार भेजने के आदेश दिए।
सीजेएम से स्पष्टीकरण तलब
न्यायालय से आरोपी को जबरिया उठा ले जाने के मामले में अधिवक्ताओं की ओर दिए गए प्रार्थना पत्र पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रभारी जनपद न्यायाधीश डीएसपी श्रीवास्तव ने सीजेएम रनवीर सिंह से स्पष्टीकरण मांगा है।
जबकि सीजेएम ने पुलिस की इस कारगुजारी पर सख्ती दिखाते हुए क्षेत्राधिकारी नगर व प्रभारी निरीक्षक शहर कोतवाली को कुल घटनाक्रम पर दो दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं।