वार्ता में अफसरों ने सदर तहसील व राजस्व न्यायालय की अदालतों में भ्रष्टाचार की बात दबी जुबान से स्वीकार की। डीएम लाल बिहारी ने कहा कि विवाद के दिन तहसीलदार के तबादले की यही वजह है।
वार्ता में सहमति न बनने की वजह से दोनों संगठन आंदोलन पर डटे रहे। सोमवार को लेखपाल संघ को विकास भवन कर्मचारी संघ का भी समर्थन मिला।
शनिवार से चल रही हड़ताल के कारण कलेक्ट्रेट, सदर तहसील, दीवानी न्यायालय सहित सभी तहसीलों में काम-काज ठप है। दोनों संगठन एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की अपनी-अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
सोमवार को डीएम ने इस मसले के निदान का प्रयास किया। दोनों पक्षों को अपने दफ्तर में बुलाकर वार्ता की। डेढ़ घंटे चली लंबी वार्ता का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल सका है। इस मौके पर पुलिस अफसरों के साथ दोनों संगठनों के पदाधिकारी
मौजूद थे।