हत्या कर शव गायब करने का मामला
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश रूपेश रंजन ने हत्या कर शव गायब करने के एक मामले में पिता व उसके दो पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 15-15 का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गिरिंद्र पाल सिंह यादव द्वारा की गई।
गौरतलब है कि इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र के ग्राम रंजीतपुर निवासी राजेश व दिनेश तथा उनके पिता बाबू के विरुद्ध लोकवाणी के माध्यम से एक शिकायत मृतक रंजीत के भाई श्रीकेशन ने की थी। वादी के मुताबिक उसका भाई रंजीत (22) नवंबर 2006 की शाम राजेश के यहां दावत में गया था।
सुबह तक वापस न आने पर की गई तलाश के बाद रंजीत की साइकिल तो राजेश के यहां मिली लेकिन रंजीत को लेकर कोई सही जवाब राजेश व उसके घरवाले नहीं दे सके। बाद में रंजीत का शव गांव से दूर राजेपुर व मंगूरपुर के बीच नहर में पड़ा पाया गया।
इसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज करते हुए पुलिस ने राजेश, उसके भाई दिनेश तथा पिता बाबू के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान आए साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।