शव ठिकाने लगाने में उसके साथी ने की थी मदद, दोनों गिरफ्तार
सीतापुर। इमलिया सुल्तानपुर पुलिस ने इलाके से गायब हुई बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की वारदात के खुलासे का दावा करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का दावा है कि शराब के नशे में गांव के ही युवक ने बच्ची से दुष्कर्म किया फिर अपना घिनौना कृत्य छिपाने के लिए उसकी हत्या कर शव सरायन नदी में फेंक दिया।
शव ठिकाने लगाने में गांव के ही उसके एक साथी ने मदद की। पकड़े गए दोनों युवकों द्वारा अपना गुनाह कुबूल करने का पुलिस दावा कर रही है। थाना इमलिया सुल्तानपुर इलाके में एक गांव से 13 जनवरी को सात साल की एक मासूम बच्ची घर के सामने खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। सात दिन बाद भी बच्ची कोई सुराग नहीं लगा था।
इसी बीच 20 जनवरी को गांव के बाहर सरायन नदी से बच्ची का शव किया गया। एसपी कार्यालय में गुरुवार को पत्रकार वार्ता के दौरान सीओ सदर ने बताया कि 24 जनवरी को पूर्वाह्न 11 बजे थाना प्रभारी इमलिया सुल्तानपुर राय साहब द्विवेदी व हमराही बल ने कचनार से कुरका जाने वाले मार्ग पर नहर पुलिया के करीब संदेह के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में युवकों की पहचान नीलू व उमेश निवासीगण कुरका थाना इमलिया सुल्तानपुर के रूप में हुई।
...तो कच्ची शराब ही बनी वारदात की वजह
इमलिया सुल्तानपुर पुलिस खुद स्वीकारती है कि मासूम से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने वाला शराब के नशे में था। यानी इस घिनौने वारदात की वजह शराब ही बनी। अमर उजाला ने 22 जनवरी के अंक में बच्ची का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा हंगामा किए जाने की खबर के साथ ‘कच्ची शराब के कारोबार से बढ़े अपराध’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस जानकर भी कच्ची शराब के कारोबार की रोकथाम के लिए ठोस पहल नही करती है।
पीएम रिपोर्ट झूठी या पुलिस..?
बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के खुलासे की पटकथा झुठला रही है। इमलिया सुल्तानपुर पुलिस का दावा है कि 13 जनवरी को ही दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव नदी में फेंक दिया गया था। जबकि पीएम रिपोर्ट में शव बरामदगी के कुछ घंटे पहले ही हत्या की पुष्टि की गई थी।
जानकार भी इस रिपोर्ट से इत्तेफाक रखते हुए कहते हैं कि यदि कई दिन पहले शव नदी में फेंका गया होता तो पानी में रहने की वजह से उसकी हालत बेहद बुरी हो जाती। जबकि शव की हालत देख लग रहा था कि उसे कुछ घंटो पहले ही फेंका गया था। सवाल उठता है कि पीएम रिपोर्ट झूठी है या इमलिया सुल्तानपुर पुलिस।