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500 लोगों से 72 लाख ठगे

Sun, 25 Sep 2016 11:25 PM IST
Amarujala Bureau
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police - फोटो : गजेंद्र चौधरी
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एक जालसाज ने 18 माह में रुपये दोगुने करने का झांसा देकर 500 लोगों के करीब 72 लाख रुपये से अधिक ठग लिए। ठग ने लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए लखनऊ में भी ब्रांच ऑफिस खोला। इस दौरान सीतापुर व बाराबंकी के कई युवकों को एजेंट के तौर पर भर्ती किया।
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उधर, कुछ महीने से कमीशन न मिलने पर एजेंटों ने कंपनी संचालक को खोजा तो उसका पता नहीं चला। कार्यालय में भी ताला पड़ा मिला। इसके बाद कंपनी में काम कर रहे एजेंटों ने कंपनी संचालक कैलाश मौर्य के खिलाफ थानगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई। कंपनी का मुख्यालय वाराणसी जिले के सिगरा स्थित अन्नपूर्णा नगर के राम सिंह राना नगर कॉलोनी में है।

थानगांव के ग्राम लिलौती निवासी कैलाश मौर्य ने देवाश्रय इंफ्रा हाईट नाम की एक कंपनी खोली। यह कंपनी 18 माह में रकम दोगुनी करती थी। लोगों को जाल में फंसाने के लिए ठग ने लखनऊ में एलडीए कॉलोनी के निकट भी एक ब्रांच कार्यालय बनाया। जबकि उसका मुख्यालय वाराणसी जिले के सिगरा स्थित अन्नपूर्णा नगर के राम सिंह राना नगर कॉलोनी में है।
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कंपनी में जालसाज ने बाराबंकी के बड्डूपुर थाना क्षेत्र के ग्राम समरदहा निवासी ओमकार, नवाबगंज के मलई निवासी सोनापती, जितेंद्र कुमार, देवा के बरेठी निवासी बलराम व चंद्रशेखर, कुर्सी थाना क्षेत्र के ग्राम धरेनी निवासी मालती देवी, जैतपुर के रामपुर निवासी रंजीत सिंह को एजेंट बनाया।

कंपनी में खाता खुलवाने के एवज में मोटा कमीशन व मानदेय के लालच में इन लोगों ने कंपनी की स्कीम समझाकर थानगांव क्षेत्र के 500 से अधिक लोगों के पैसे जमा कराए। कुछ ही दिनों में कंपनी में करीब 500 से अधिक लोगों के खाते खुल गए। बाराबंकी के भी लोगों ने इसमें रकम जमा की।

उधर, रुपये जमा होने के बाद जब एजेंटों को कमीशन नहीं मिला तो सभी उसकी तलाश में जुट गए लेकिन कैलाश का पता नहीं चला। एजेंटों ने बताया कि कंपनी में पैसा जमा करने वाले लोग उससे लगातार तगादा कर रहे हैं। एक एजेंट ने बताया कि जालसाज कैलाश एक दिन लखनऊ में ही मिल गया, तब उसने सभी एजेंटों को तत्काल 50-50 हजार रुपये का चेक काटकर दे दिया।

एजेंटों ने चेक लगाईं, तो वह बाउंस हो गए। पता चला कि जिस खाते का नंबर था, उसमें पैसा ही नहीं है। जिसके बाद पीड़ितों ने थानगांव थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र के लोगों से कंपनी में करीब 72 लाख रुपये से अधिक जमा कराए हैं।

करीब एक साल तो सब ठीक चला, लेकिन इसी बीच कैलाश मौर्य कार्यालय में ताला लगाकर भाग गया। अब तक उसका पता नहीं चल सका है। थानाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई  है। कैलाश मौर्या को तलाशा जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।
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