जिला कूषि रक्षा अधिकारी के दफ्तर में कार्यरत है कर्मचारी
सीतापुर। विकास भवन के कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय में सोमवार को उस वक्त खलबली मच गई, जब लखनऊ की रहने वाली एक महिला ने वहां पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि विभाग में कार्यरत वरिष्ठ सहायक ने नौकरी दिलाने के नाम पर उससे दो लाख रुपये लिए।
पांच माह बीतने के बाद भी महिला को नौकरी नहीं मिली। इस पर पीड़िता ने विभाग में लिखित शिकायत दी है। लखनऊ के हंसखेड़ा पारा पुरानी कॉलोनी निवासी ऊषा पांडेय का आरोप है कि जिला कृषि रक्षा अधिकारी के दफ्तर में कार्यरत बड़े बाबू ने नौकरी दिलाने का लालच देकर चार लाख रुपये मांगे थे।
उसने दो लाख रुपये पहले लिए थे। जबकि शेष दो लाख रुपये नौकरी मिलने के बाद देने को कहा था। रुपये लेने के बाद भी नौकरी न मिलने पर 19 नवंबर 2018 को जिला कृषि रक्षा अधिकारी से शिकायत की थी। साथ ही वह शहर कोतवाली भी शिकायत लेकर पहुंची थी मगर वहां पर शिकायत नहीं ली गई थी।
पांच माह गुजरने के बाद न तो रुपये वापस हुए और न ही नौकरी मिली, तो पीड़ित महिला रुपये लेने के लिए सीतापुर के विकास भवन पहुंच गई। पीड़िता ने जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया है। इस दौरान कर्मचारियों ने किसी तरह उसे समझाया बुझाया। बाद में पीड़िता ऊषा पांडेय ने इस मामले में जिला कृषि अधिकारी से शिकायत की है।
वरिष्ठ सहायक द्वारा रुपये लेने की शिकायत मिली थी। कर्मचारियों ने भी इनके साथ कार्य करने में असमर्थता जताई थी। इस बाबत मुख्यालय को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। जिसके आधार पर इनका तबादला जिला श्रावस्ती हो गया है। शीघ्र ही चार्ज देने के बाद कार्यमुक्त किया जाएगा।
-श्याम नरायन राम, जिला कृषि रक्षा अधिकारी
वरिष्ठ सहायक लिपिक ने बीते साल 20 जून को दो लाख रुपये नौकरी के लिए दिए थे। अभी तक न नौकरी मिली और न ही रुपये। रुपये मांगने सीतापुर आई थी। इन्होंने रुपये देने का वादा किया है। इसके लिए भिठौली बुलाया है। वहीं चेक देने का कहा है।
-ऊषा पांडेय, पीड़िता