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डीएम ने दो शस्त्र लाइसेंस किए निलंबित

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शांतिपूर्ण चुनाव के लिए एसपी की रिपोर्ट पर की कार्रवाई
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सीतापुर। लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण सकुशल सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन शस्त्र लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई करने में जुटा है। डीएम ने आपराधिक केस दर्ज होने पर शस्त्र लाइसेेंस धारकों के असलहे निलंबित कर दिए। यह कार्रवाई पुलिस रिपोर्ट के आधार पर की गई है। दोनों निलंबित शस्त्र लाइसेंस एक थाना क्षेत्र के हैं।

थाना संदना के पट्टी नेवादा निवासी प्रभाकर सिंह के पास 12 बोर एसबीबीएल गन का लाइसेंस है। इनके विरुद्ध थाने में बीते बरस आपराधिक केस दर्ज हुआ था। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक संदना की रिपोर्ट के मुताबिक लाइसेंसधारी दबंग किस्म का व्यक्ति है। लाइसेंस की शर्तोँ का उल्लंघन किया गया है।
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ऐसी स्थिति में शस्त्र धारक के पास लाइसेंस का रहना जनहित में उचित नहीं है। एसपी ने भी कार्रवाई की संस्तुति की है। इस संबध में डीएम अखिलेश तिवारी ने तत्काल प्रभाव से प्रभाकर का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जारी आदेश में कहा है कि अनुज्ञापी भविष्य में कभी भी अपने शस्त्र का दुरुपयोग कर लोक शांति एवं जन सुरक्षा का गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।

इस संबंध में प्रभाकर सिंह आदेश प्राप्त करने के 15 दिन में डीएम कोर्ट में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी प्रकार थाना संदना में इसी मुकदमे के नामजद आरोपी विशेष सिंह निवासी पट्टी नेवादा को जारी शस्त्र लाइसेंस 315 बोर राइफल को भी निलम्बित किया गया है।

चुनाव करीब पर 10 हजार लाइसेंसी असलहे जमा होने को बाकी
सीतापुर। लाइसेंसी असलहे जमा कराने को लेकर सीतापुर पुलिस गंभीर नहीं दिख रही। चुनाव के दरम्यान भी पुलिस अब तक महज 18 हजार लाइसेंसी असलहे ही जमा कर पाई है। अभी 10 हजार से अधिक लाइसेंसी असलहे जमा नहीं हो पाए हैं। सूत्र बताते हैं कि पुलिस अपने चहेतों के असलहे जमा कराने में ढील दिए हुए है।
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शायद यही वजह है कि चुनाव करीब आने पर भी पुलिस हजारों लाइसेंसी असलहे जमा नहीं करा पाई है। एएसपी महेंद्र प्रताप चौहान का कहना है कि जिले में करीब 28 हजार लाइसेंसी असलहे हैं। उनमें से लगभग 18 हजार असलहे जमा हो चुके हैं। असलहे जमा कराने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। कई असलहों के लाइसेंस निरस्त भी हुए हैं।
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