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जिसकी हत्या की रिपोर्ट लिखाई, जिंदा मिले

Sun, 07 Apr 2019 01:02 AM IST
ajay Kumar अमर उजाला/गाोरख्ापुर
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खोराबार (गोरखपुर)। खोराबार के जंगल सिकरी गांव के छोटेलाल (60) पुलिस को जिंदा मिले। छह महीने पहले छोटेलाल की हत्या होने का केस बहू सुगिया ने दर्ज कराया था। सुगिया का आरोप था कि पट्टीदार के 9 लोगों ने छोटेलाल की हत्या कर शव को छिपा दिया है। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस ने शनिवार को छोटेलाल को एक मंदिर से बरामद किया। पूछताछ में छोटेलाल ने बताया कि घर पर उनको खाने तक को नहीं मिलता था। भूखा रखा जाता था, इसी वजह से घर से चले गऐ थे।
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जंगल सिकरी गांव के टोला बिंदटोलिया निवासी छोटेलाल ने पट्टीदार सुखलाल को जमीन बेची थी। जमीन का कुछ हिस्सा उसने बहू के नाम कर दिया था। इसके बाद से ही छोटेलाल को घर में खाना-पानी कोई नहीं पूछता था। इससे परेशान होकर वह घर से निकल गया। इसके बाद बहू ने 06 अक्तूबर 18 को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि उसके ससुर की सुखराम, उनके लड़के राकेश, झीनक, भोला, कबूतरी, अमरावती, पूनम, निरमा, विमला ने हत्या करके शव को छिपा दिया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में कुछ अलग ही तथ्य सामने आए। इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज को इसी बीच सूचना मिली कि छोटेलाल जिंदा हैं और वह पिपराइच के मठिया गांव स्थित एक मंदिर में रहते हैं। सूचना पर इंस्पेक्टर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और छोटेलाल सच में जिंदा मिले। पुलिस ने कोर्ट में छोटेलाल का बयान दर्ज करा दिया है।

9 लोग जेल जाने से बच गए

एक ही परिवार के 9 लोगों जेल जाने से बच गए। पुलिस की जांच से जहां छोटेलाल लौट आए हैं वहीं पट्टीदार की पूरी जिंदगी ही फंस गई थी। वह बेगुनाह तो थे लेकिन इसे साबित करने के सबूत उनके पास नहीं थे। अब सभी पुलिस की सराहना कर रहे हैं।
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