नौ मिलावटखोरों पर आठ लाख का जुर्माना
सीतापुर। खाद्य पदार्थों में मिलावट करना नौ व्यापारियों को महंगा पड़ गया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की तरफ से लिए गए नमूने प्रयोगशाला जांच में अधोमानक मिले थे।
इस पर न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी ने आठ लाख रुपये का जुर्माना ठोंका है। एक सप्ताह के अंदर व्यापारियों को यह रकम जमा करनी होगी। इसमें से अकेले वीमार्ट पर साढ़े तीन लाख रुपये का जुर्माना लगा है। यहां से नूडल्स का लिया गया नमूना फेल हो गया था।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मई 2015 में शहर के वीमार्ट से चिंग कंपनी के नूडल्स का नमूना भरा था। यह जांच अधोमानक मिला।
नूडल्स में भस्म की मात्रा अधिक थी। इस पर न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी राकेश चंद्र शर्मा ने निर्माता कैपिटल फूड प्राइवेट लिमिटेड, गुजरात पर दो लाख रुपये व वितरक मेसर्स श्याम जी ट्रेडर्स गोरखपुर पर एक लाख रुपये व विक्रेता वीमार्ट पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है।
इसी प्रकार उरदौली निवासी नजीर से मावा का नमूना भरा था। इसमें फैट कम मिला था। इस पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है।
इसी प्रकार शहर के चुंगी चौकी स्थित संजय शुक्ल की दुकान से मावा के नमूने में फैट कम मिलने पर 50 हजार का जुर्माना ठोंका है।
बेगीपुर निवासी परमेश्वर के यहां से लिए गए मावे के नमूने में भी फैट कम मिली थी। इस पर न्यायालय ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
सिधौली के कढ़ारीपुरवा निवासी विनोद के मावा का नमूना अधोमानक मिलने पर 50 हजार जुर्माना लगाया है। इसी प्रकार बाराबंकी निवासी राजकुमार से सिधौली में मावा का नमूना लिया गया था।
इसमें फैट कम मिलने पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है। इमलिया सुल्तानपुर के बेलगवा निवासी इरशाद के यहां से गुझिया का नमूना लिया था।
जांच में नमूना अधोमानक मिलने पर 50 हजार का अर्थदंड लगाया है। इसी प्रकार महमूदाबाद के मोतीपुर चौराहा स्थित दीनबंधु की दुकान से लिए गए मिल्क केक के नमूने में स्टार्च व फैट अधिक मिला था।
इस पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है। मिश्रिख के चंदूपुर निवासी विपिन के यहां से पेड़े के नमूने में फैट कम मिलने पर कोर्ट ने एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।