जिले में विकास कार्यक्रमों में की प्रगति खराब हैं। इसमें मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले कार्यक्रम भी शामिल हैं। 15 अक्तूबर को लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति खराब होने पर कमिश्नर भुवनेश कुमार ने नाराजगी जताई। इसके बाद हरकत में आए सीडीओ रवींद्र कुमार ने 12 जिला स्तरीय अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा है।
चुनावी वर्ष होने के कारण शासन विभागीय योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ जनसामान्य तक पहुंचाने को संजीदा हैं लेकिन अफसर सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। हाल यह है कि मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है।
कमिश्नर भुवनेश कुमार ने सीतापुर की समीक्षा बैठक में इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। इस पर सीडीओ रवींद्र कुमार ने 12 अफसरों से विकास कार्यों में प्रगति संतोषजनक न होने पर स्पष्टीकरण तलब मांगा है।
इन अफसरों से मांगा स्पष्टीकरण
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उपनिदेशक मंडी, जिला गन्नाधिकारी, उपनिदेशक कृषि प्रसार, जिला प्रोबेशन अधिकारी, अधिशासी अभियंता आरईएस, जलनिगम, उपनिदेशक कृषि, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, उपायुक्त श्रम रोजगार।
डीएम करेंगे ब्लॉकों का निरीक्षण
डीएम अमृत त्रिपाठी विकास खंडों का निरीक्षण करेंगे। वह 27 अक्तूबर को सिधौली और कसमंडा, 28 को गोंदलामऊ, मछरेहटा, 29 को रामपुर मथुरा, महमूदाबाद, दो नवंबर को बिसवां, तीन को पिसावां, महोली, चार को खैराबाद, पांच को बेहटा, लहरपुर, सात को एलिया, हरगांव, आठ को सकरन, रेउसा, नौ को मिश्रिख व दस को पहला में निरीक्षण करेंगे।