महमूदाबाद। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पहला के एक संविदा शिक्षक ने नौकरी जाने के डर से आत्मदाह करने का प्रयास किया। विद्यालय के स्टॉफ ने किसी तरह शिक्षकों को बचाया। उसके बाद उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचकर शिक्षक को समझा बुझाकर शांत कराया।
महमूदाबाद कोतवली क्षेत्र के बिलौली बाजार चौराहे से चंद कदमों की दूरी पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पहला बना हुआ है। 14 जुलाई को पुरुष शिक्षकों के खिलाफ जारी शासनादेश से नौकरी जाने से आहत होकर संविदा शिक्षक कुलदीप कुमार ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने की कोशिश की। लेकिन विद्यालय के स्टॉफ ने मौके पर पहुंचकर कुलदीप को ऐसा करने से रोक लिया।
घटना की जानकारी पाकर बीईओ पहला श्रीकृष्णा प्रेमी, वार्डेन व डीसी बालिका शिक्षा शैलेश गुप्ता विद्यालय पहुंचे। शिक्षक से बातचीत करके हल निकलवाने का भरोसा दिया। बीएसए अजीत कुमार का कहना है शिक्षक ने वेतन विसंगति को लेकर ऐसा किया था। शिक्षक ने स्वीकार किया है कि आवेश में आकर ऐसा कृत्य किया है। भविष्य में दोबारा गलती नहीं होगी।