शहर कोतवाली क्षेत्र में रविवार को खाना बनाते समय अचानक रसोई गैस सिलेंडर फट गया। हादसे में नौ लोग बुरी तरह से झुलस गए। जिला अस्पताल से सभी को नाजुक हालत में लखनऊ सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
गंभीर रूप से झुलसे तीन लोगों ने देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं तीन लोगों का यहां इलाज चल रहा है। ये सभी भी गंभीर हालत में हैं।
मोहल्ला ग्वाल मंडी निवासी रामकुमार के घर में कई परिवार किराए पर रहते हैं। रविवार शाम रामकुमार के घर में एलपीजी गैस सिलेंडर पर खाना बनाया जा रहा था। उसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ सिलेंडर फट गया।
गैस फैलते ही पूरे घर को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। सूचना देने के साथ ही मोहल्ले के लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया और घर में फंसे बच्चों व महिलाओं को किसी तरह बाहर निकाला लेकिन तब तक सोनपाल का पुत्र विशाल (7), महेंद्र की पुत्री अंकिता (6), सुशील की पुत्री शीतल (6), बद्री प्रसाद की पत्नी नीतू (30), पुत्र कृष्णा (7), आयुष (3), राजेश की पत्नी किरन, संतोष का पुत्र सुमित (16), छंगा लाल की पुत्री प्रीती देवी (6) बुरी तरह से झुलस चुकी थीं।
उधर, मौके पर पहुंचे दमकल दस्ते को आग पर काबू पाने में करीब दो घंटे लग गए। इसके बाद आननफानन झुलसे लोगों को जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां से डॉक्टरों ने हालत नाजुक देख उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। हादसे में घर में रखा सामान, कपड़े व अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर राख हो गई है।
उधर, लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल अस्पताल) में गंभीर रूप से घायल छह लोगों को भर्ती कराया गया। यहां देर रात इलाज के दौरान आयुष, नीतू व एक अन्य महिला ने दम तोड़ दिया। सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि झुलसे सुमित, प्रियांशु व मासूम को भर्ती कराकर इलाज चल रहा है। सुमित व प्रियांशु 50 फीसदी से अधिक जल गए हैं।