सीतापुर। लखनऊ में बुधवार को कोर्ट रूम के अंदर पेशी पर लाए गए शूटर की हत्या से न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि जिले में न्यायालय परिसर की सुरक्षा मजबूत होने का दावा किया जा रहा है। न्यायालय परिसर की सुरक्षा में 26 पुलिस कर्मी तैनात हैं, 34 सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं।
सीतापुर में न्यायालय परिसर में आने-जाने के लिए पांच गेट हैं। इनमें से एक गेट न्यायिक अधिकारियों के लिए निर्धारित है। अन्य चार गेटों से वादकारियों, अधिवक्ताओं, मुंशी और अन्य लोगों का आना-जाना रहता है। जिले में न्यायालय की सुरक्षा में 26 पुलिसकर्मी लगे हैं। इनमें एक निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक, आठ महिला सिपाही और 16 पुरुष सिपाही तैनात हैं।
निरीक्षक राजेश यादव के मुताबिक न्यायालय परिसर में 34 कैमरे हैं। इसके अलावा चार डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) और आठ हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) भी हैं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रभाल गुप्ता ने बताया कि अधिकांश अधिवक्ताओं के पास बार काउंसिल के परिचय पत्र हैं। साथ ही जिला जज की ओर से जारी परिचय पत्र भी अधिवक्ताओं के पास हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की पर्याप्त सुरक्षा रहती है और अधिवक्ता भी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहते हैं।