सीतापुर। खैराबाद में कोरोना पॉजिटिव मिले जमातियों को दोहरी मार से गुजरना पड़ेगा। कोरोना से जंग जीतने के बाद लोगों को घर भेजा जाता है पर बांग्लादेशियों को घर की जगह जेल भेजा जाएगा। वजह, पॉजिटिव जमाती यहां टूरिस्ट वीजा पर आए हैं, पर यहां वे धर्म का प्रचार करने में जुटे थे।
इसलिए इनके टूरिस्ट वीजा को रद्द कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ऐसे में इन्हें कोरोना के इलाज के बाद कानूनी लड़ाई से जूझना पड़ेगा।जिले में आए बांग्लादेशी छह से 19 मार्च तक शहर, 20 से 31 मार्च तक खैराबाद की मस्जिदों में रुके थे।
जब तक दिल्ली की निजामुद्दीन मरकज का मामला नहीं उछला, तब तक तो सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन निजामुद्दीन कनेक्शन सामने आते ही जिले की सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई।
पहले से सूचना होने के बाद भी कार्रवाई न करने वाली पुलिस ने आननफानन में 10 बांग्लादेशियों पर टूरिस्ट वीजा लेकर धर्म का प्रचार करने के मामले में पासपोर्ट उल्लंघन समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
सरकार के आदेश पर इन सभी को डीजे कॉलेज में क्वारंटीन कराने के बाद सैंपल लेकर कोरोना टेस्ट के लिए भेजा गया था। दस में सात बांग्लादेशियों और एक महाराष्ट्र के जमाती की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से छह अप्रैल से छह का खैराबाद एल-1 में, दो का लखनऊ में इलाज चल रहा है।
अभी इन्हें कोरोना वायरस को हराने के लिए लंबी जंग लड़नी है, इसके बाद पासपोर्ट उल्लंघन के दर्ज मामले में कानूनी कार्रवाई की लड़ाई लड़नी होगी। ऐसे में इन पर दोहरी मार पड़ने वाली है। पुलिस अफसर जमातियों की रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आने का इंतजार कर रहे हैं।
सूत्रों की माने तो जमातियों पर जिन संगीन मामलों में केस दर्ज हुआ है, उसमें दसों बांग्लादेशियों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है। जानकार बताते हैं कि जमातियों के पास जेल जाने से बचने का कोई रास्ता नहीं है।
निगेटिव रिपोर्ट के बाद रहेंगे 14 दिन क्वारंटीन
कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद छह मार्च से भर्ती जमातियों का 14वें दिन सैंपल लेकर दोबारा से टेस्ट कराया जाएगा। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर इलाज की प्रक्रिया बदली जा सकती है। अगर निगेटिव आती है तो भी 14 दिनों तक क्वारंटीन रहेंगे।
इसके बाद स्वास्थ्य परीक्षण होगा। सब कुछ ठीक होने के बाद पुलिस इन्हें कस्टडी में लेकर जेल भेजेगी। खैराबाद थाने में कस्बा इंचार्ज देवेंद्र सिंह की तहरीर पर बांग्लादेशी जमातियों पर केस होने के बाद पुलिस ने इन सभी का पासपोर्ट और मोबाइल जब्त कर लिया था। जानकारों की माने तो ऐसा करने से जमाती बिना पासपोर्ट कहीं जा नहीं सकते हैं।
सभी एक साथ ही जाएंगे जेल
दस में तीन बांग्लादेशियों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। अभी तीनों जमाती 14 दिन के लिए क्वारंटीन हैं। पुलिस के जानकार बताते हैं कि सातों बांग्लादेशी कोरोना इलाज की प्रक्रिया पूरी करने के बाद स्वस्थ हो जाएंगे, इसके बाद ही सभी को एक साथ जेल भेजा जाएगा।
बांग्लादेशी जमातियों पर खैराबाद थाने में पासपोर्ट उल्लंघन का केस दर्ज है। इस मामले में जेल जाना तय है। कोरोना पॉजिटिव जमातियों की दूसरी रिपोर्ट का इंतजार है। ठीक होने के बाद ही सभी की एक साथ गिरफ्तारी होगी। जेल में भी इन्हें अन्य बंदियों से एहतियातन अलग ही रखा जाएगा।
- महेंद्र प्रताप सिंह, एएसपी साउथ