सीतापुर। शहर कोतवाली इलाके के चौधरी टोला में कोरोना संक्रमित मिले दिल्ली एयरपोर्ट के कर्मचारी के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पॉजिटिव कर्मचारी जिले के एडीएम के बाबू का भतीजा है। स्वास्थ्य विभाग ने बाबू, उनकी पत्नी और बच्चों समेत परिवार के सात लोगों को शेल्टर होम में क्वारंटीन करा दिया है। सभी का सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजा गया है।
शहर के चौधरी टोला निवासी 28 साल का युवक दिल्ली में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया में कर्मचारी है। 16 जून को दिल्ली से घर आने के बाद 17 जून को लीवर में समस्या होने पर वह डॉक्टर को दिखाने लखनऊ गया था, जहां प्राइवेट लैब में कराई गई जांच में 18 जून की रात उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
एयरपोर्ट कर्मचारी के संक्रमित होने के बाद हुई जांच में सामने आया कि वह सीतापुर एडीएम के दफ्तर में तैनात बाबू का भतीजा है। सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमित मिले भतीजे के संपर्क में आए एडीएम के बाबू, उनकी पत्नी और बच्चों समेत सात लोगों को फिलहाल घर से ले जाकर पुराने सीतापुर स्थित शेल्टर होम में क्वारंटीन किया गया है। सभी का सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने का इंतजार है।
कोरोना पॉजिटिव मिले एयरपोर्ट कर्मचारी के पिता लखीमपुर में एक विभाग में तैनात हैं। भाई भी वहीं है। एयरपोर्ट कर्मचारी की शादी नहीं हुई है। उसके चाचा परिवार समेत चौधरी टोला में रहते हैं। दिल्ली से आकर वह उसी मकान की दूसरी मंजिल पर रुका था। पहली मंजिल पर उसके चाचा का परिवार रहता है।
लखनऊ रेफर हुआ एयरपोर्ट कर्मचारी
संक्रमित मिले दिल्ली एयरपोर्ट के कर्मचारी को देर रात एल-1 अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया है। सीएमओ ने बताया कि उसे पहले से ही लीवर में समस्या थी। उसी की जांच कराने वह लखनऊ गया था, जहां पर कोरोना की जांच कराई गई थी। मरीज को लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
बाबू ने नहीं दी दिल्ली से आए भतीजे की जानकारी
कोरोना को लेकर दिल्ली के हालात काफी भयावह हैं, लेकिन इसके बाद भी न तो दिल्ली से आए कर्मचारी ने आने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी और न ही उसके चाचा व एडीएम दफ्तर में तैनात बाबू ने इसका जिक्र किया। सीएमओ भी मानते हैं कि कम से कम बाबू को तो बताना ही चाहिए था।
अब बाबू के संपर्क में आने वालों की तलाश
सूत्रों की मानें तो कोरोना संक्रमित भतीजे के संपर्क में आए बाबू एडीएम दफ्तर में ड्यूटी पर भी गए थे, ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि वह दफ्तर में अन्य साथियों के संपर्क में नहीं आए होंगे। स्वास्थ्य विभाग अब बाबू के संपर्क में आए लोगों को भी चिह्नित करने की बात कह रहा है।