सीतापुर। जेल में सपा सांसद आजम खां की रविवार को अचानक हालत बिगड़ गई। इसके बाद फौरन ऑक्सीमीटर से जांच की गई। जेलर आरएस यादव ने बताया कि जांच में ऑक्सीजन लेवल 89 था। इसे देखकर टीम भी घबरा गई और अफसरों ने भी लखनऊ में भर्ती कराना ही उचित समझा। इसके बाद दूसरा ऑक्सीमीटर मंगाकर जांच की गई, जिसमें आक्सीजन लेबल 93 पाया गया, लेकिन फिर भी सरकारी मशीनरी ने मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से कोई रिस्क नहीं लिया और लखनऊ बात कर वहीं भर्ती कराने पर अंतिम मुहर लगा दी गई।
जिला अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार भी दोनों की सेहत पर नजर रखे हुए थे। रविवार को अचानक आजम खां की हालत बिगड़ गई। आक्सीजन लेवल कम होने से हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने मामले से जिला प्रशासन को अवगत कराया। एडीएम विनय पाठक, एएसपी नॉर्थ राजीव दीक्षित, एसडीएम सदर अमित भट्ट, सीओ सिटी पीयूष सिंह, शहर कोतवाल टीपी सिंह जेल पहुंचे।
जिला अस्पताल से डॉक्टरों की एक टीम बुलाई गई। टीम ने जांच करने के बाद आजम खां को लखनऊ रेफर कर दिया। मेदांता तक दोनों को सकुशल पहुंचाने के लिए डीएम विशाल भारद्वाज, एसपी आरपी सिंह ने एसडीएम सदर अमित भट्ट, सीओ सिटी पीयूष सिंह, एसओ खैराबाद ओपी राय को लगाया है। अफसरों की सुरक्षा में देर रात आजम और अब्दुल्ला लखनऊ पहुंच गए थे।
जिला प्रशासन आजम और अब्दुल्ला को लखनऊ केजीएमयू में भर्ती कराना चाह रहा था, लेकिन आजम वहां भर्ती नहीं होना चाह रहे थे। जेलर आरएस यादव के मुताबिक, आजम केजीएमयू में खुद को सुरक्षित नहीं मान रहे थे। इसलिए वे मेदांता में भर्ती होना चाहते थे। पहले मेदांता में बात की गई, लेकिन वहां बेड की किल्लत थी। बेड की व्यवस्था होने के बाद वहां भर्ती कराया गया।
पहले ही लखनऊ भेजने की हुई थी बात
आजम खां को पहले ही लखनऊ में भर्ती कराने की बात हुई थी। जेल प्रशासन की मंशा थी कि उन्हें लखनऊ में भर्ती करा दिया जाए, लेकिन तब आजम ने खुद ही लखनऊ जाने से इंकार कर दिया था।
दो इंस्पेक्टर, एक गार्द सुरक्षा में लगी
सीओ सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि आजम खां, अब्दुल्ला की सुरक्षा के लिए मेदांता में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्हें कोई समस्या न हो, इसलिए जिले से दो इंस्पेेेक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। ये इंस्पेेेक्टर शिफ्ट वाइज बदलते रहेंगे। इसके अलावा पुलिस लाइंस की एक गार्द भी मेदांता अस्पताल में तैनात की गई है।