सीतापुर। अमृतसर से दरभंगा जा रही एक्सप्रेस ट्रेन को शनिवार सुबह को जंक्शन पर अचानक रोक दिया गया। लोको व सहायक पायलट ने कोरोना वायरस से संक्रमित होने की सूचना दी थी। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जंक्शन पर पहुंच ड्राइवरों में कोरोना के लक्षणों की जांच की। अच्छी बात रही कि इनमें लक्षण नहीं मिले। इससे रेलवे और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राहत की सांस ली।
ट्रेन का इलेक्ट्रिक इंजन और ड्राइवर बदलकर उसे रवाना किया गया। इस दौरान करीब 40 मिनट तक ट्रेन जंक्शन पर रुकी रही। अमृतसर से चलकर सीतापुर के रास्ते दरभंगा जाने वाली एक्सप्रेस 52112 के असिस्टेंट (सहायक) ड्राइवर को शाहजहांपुर के रौजा स्टेशन पहुंचने पर गले में खरास, जुकाम, खांसी की समस्या हुई। इस पर कोरोना वायरस के डर से उसे रौजा में ही ट्रेन से उतार दिया गया। इसके बाद ट्रेन में दूसरा सहायक ड्राइवर सवार हुआ।
एक्सप्रेस का लोको पायलट, असिस्टेंट पायलट के साथ ट्रेन लेकर सुबह 10:45 बजे जंक्शन पहुंचा, जहां पर इन दोनों लोगों को भी बीमारी को लेकर शंका हुई। कोरोना को लेकर डरे ड्राइवरों ने इसकी सूचना जंक्शन अधीक्षक एके शुक्ला को दी। आननफानन में अधीक्षक रेलवे के डॉक्टर को लेकर मौके पर पहुंचे और मामले से सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा को अवगत कराया। सीएमओ ने मौके पर रैपिड रिस्पांस टीम भेजी।
रेलवे के डॉक्टर और टीम ने मिलकर दोनों ड्राइवरों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। बताया कि जांच में कोरोना के लक्षण नहीं मिले है। दोनों लोगों को सर्दी, जुकाम भी नहीं है। इसके बाद अधीक्षक ने एक्सप्रेस ट्रेन के इलेक्ट्रिक इंजन को एहतियात के तौर पर बदलवा दिया।
ट्रेन में दूसरा इंजन लगाया गया। इसके बाद दूसरे ड्राइवरों के जरिए एक्सप्रेस को गंतव्य की ओर 12:25 बजे रवाना किया गया। इस दौरा जंक्शन पर करीब 40 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। सीएमओ ने बताया कि जांच मेें ट्रेन के दोनों ड्राइवर ठीक मिले। दोनों ड्राइवरों को कुछ देर वेटिंग रूम में रखा गया। इसके बाद उनके हेडक्वार्टर रौजा भेज दिया गया है।
वेटिंग रूम को कराया सेनेटाइज
एक्सप्रेस के ड्राइवरों को ट्रेन से उतारने के बाद जंक्शन पर बने वेटिंग रूम में रोका गया था। टीमों ने उनकी जांच की। सब कुछ ठीक मिलने के बाद भी एहतियात के तौर पर रेलवे ने वेटिंग रूम को सेनेटाइज करा दिया है।
रौजा में उतारा गया असिस्टेंट ड्राइवर भी जांच में फिट
एक्सप्रेस ट्रेन के असिस्टेंट को रौजा स्टेशन पर उतारने के बाद रेलवे ने टीम बुलाकर उनकी जांच कराई। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि जांच में कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं। इसी आधार और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सीतापुर जंक्शन पर उतारे गए ड्राइवरों को स्वस्थ होने का दावा किया गया।