साथ ही प्रदर्शनकारियों ने कर्मचारियों से चार नवंबर को प्रस्तावित चक्का जाम हड़ताल को सफल बनाने के लिए एकजुट रहने की अपील की है।
रोडवेज कर्मचारियों की काफी समय से संविदा चालकों के नियमितीकरण, रिक्त परिचालकों के पदों पर संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों समेत आदि मांगें लंबित हैं। बावजूद इसके उनकी मांगों को सुनवाई नहीं हो रही है। जबकि कई दफा मांगपत्र भी दिए जा चुके हैं।
इन्हीं मांगों को लेकर परिषद और अफसरों के बीच समझौता वार्ता में आश्वासन दिया था। पर अब तक उन पर विचार नहीं हो सका है। संगठन के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले रोडवेज कर्मचारी रविवार को एकत्र हुए।
बाद में एकत्रित होकर रोडवेज बस स्टेशन कैंपस में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और वहीं पर बैठकर धरना दिया। धरने में परिषद अध्यक्ष बलवीर सिंह व मंत्री रामाधार वर्मा ने कर्मचारियों ने एकजुटता का आह्वान किया। कहा कि सभी लोग संगठित होकर कार्य करें, जिससे संगठन ताकतवर बन सके।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी मांगें मनवाने के लिए संघर्ष करना होगा, तभी उन्हें हक मिल पाएगा। वरना यह कार्य कतई संभव नहीं है। नेताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी न हुई तो संगठन चार नवंबर को चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने सभी से प्रस्तावित आंदोलन में अधिकाधिक संख्या में पहुंचने की गुजारिश की है।