सीतापुर। शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सीतापुर-लखीमपुर बाईपास पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। कारण, इस ओवरब्रिज को पूरा करने में जिस जमीन की जरूरत है वह वन विभाग की है। वन विभाग की तरफ से जमीन मिलने में देरी हो रही है। इससे निर्माण कार्य जल्द पूरा होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
शहर में रोजाना जाम लगता है। पुलिस लाइन, रोडवेज बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर काफी भीड़भाड़ रहती है। पुलिस लाइन के पास भारी वाहन निकलने से कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी है। इससे निजात दिलाने के लिए शासन ने सीतापुर-लखीमपुर बाईपास पर 73 नंबर रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने का निर्णय लिया था।
निर्माण कार्य की जिम्मेदारी राज्य सेतु निगम को दी गई थी। इसके लिए 4649.83 लाख राज्य योजना से स्वीकृत हुए थे। बजट आवंटन के बाद निर्माण कार्य शुरू भी कर दिया गया। मगर सेतु निर्माण का कार्य अत्यंत कच्छप गति से चल रहा है। अधूरा निर्माण इस साल पूर्ण होने की गुंजाइश भी नहीं दिखती है।
इसमें सबसे बड़ा रोड़ा जमीन का फंस गया है। यह जमीन वन विभाग की होनी से इसके अधिग्रहण में काफी विलंब हो रहा है। इसी वजह से ओवरब्रिज का निर्माण लटका हुआ है। इससे जाम की समस्या से छुटकारा मिलने की उम्मीद जल्द नहीं दिख रही है।
ओवरब्रिज बनने से शहर से दूर होगी वाहन
ओवरब्रिज बनने से शहर से भारी वाहनों का काफी बोझ कम हो जाएगा। लखनऊ की तरफ से आने वाले भारी वाहन सीधे इस ओवरब्रिज के माध्यम से लखीमपुर की ओर चले जाएंगे।
उनको शहर के अंदर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वही लखीमपुर की तरफ से आने वाले वाहन पुलिस लाइन के पास न जाकर इस ओवरब्रिज को पास कर सीधे लखनऊ को निकल जाएंगे। इससे शहर के अंदर का बोझ कम हो जाएगा।
भेजा गया है प्रस्ताव
जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद कार्यदाई संस्था को जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी।
महमूद आलम, वन रेंजर सीतापुर