यूपी के सीतापुर में ऐतिहासिक घंटाघर के ऊपरी हिस्से में नजूल भूखंड पर बने कांग्रेस शहर कमेटी कार्यालय को 55 वर्ष बाद शनिवार सुबह प्रशासन ने खाली करा दिया। डीएम डॉ राजा गणपति आर.के निर्देश पर एसडीएम सदर डॉ जनार्दन व तहसीलदार सदर अजीत जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस बल की मौजूदगी में नगर पालिका और तहसील की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्यालय को खाली कराने के बाद परिसर पर कब्जा ले लिया। दरवाजे पर मजिस्ट्रेटी सील लगा दी गई।
कांग्रेस ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और अंतरिम राहत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान नगर पालिका और राज्य सरकार की ओर से अवैध कब्जे का विरोध किया गया। अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से संपत्ति पर अधिकार साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज पेश नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई।
एसडीएम सदर डॉ. जनार्दन ने बताया कि यह नजूल भूखंड है। प्रशासन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वहां बने कांग्रेस शहर कमेटी कार्यालय को खाली कराया गया है। उन्होंने बताया कि कार्यालय खाली कराने के दौरान प्रशासन और नगर पालिका की ओर से जो खर्च हुआ है, उसकी वसूली संबंधित पक्ष से की जाएगी।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने बताया कि नजूल भूमि पर नियमानुसार ही कब्जा और उपयोग सुनिश्चित कराया जाएगा।