सीतापुर। जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों को जल्द ही इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी। ब्लड सेंटर में लगी कंपोनेंट सेपरेटर मशीन जुलाई के प्रथम सप्ताह में शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार ने लाइसेंस अप्रूवल कर दिया है। केंद्र सरकार से अनुमति होना बाकी है। इससे मरीजों को अब प्लेटलेट्स के लिए लखनऊ की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
जुलाई से सितंबर माह तक डेंगू के मामले आते हैं। इस दौरान प्लेटलेट्स के लिए जिले में सरकारी स्तर पर कोई सुविधा नहीं है। मरीजों को सीधे लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। करीब दो साल पहले ब्लड सेंटर में इसके लिए कंपोनेंट सेपेरेटर मशीन आई थी।
इस मशीन को इंस्टॉल कर दिया गया था। उसके बाद तीन स्वास्थ्य कर्मियों की लखनऊ में ट्रेनिंग भी हो गई थी। लेकिन मशीन संचालन के लिए लाइसेंस नहीं मिल पा रहा था। यह लाइसेंस खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से दिया जाना है। इसके लिए कई बार टीम आई और सीएमएस ने भी कई बार शासन को पत्राचार किया।
अब इसके संचालन में रोड़े कुछ कम हुए हैं। राज्य सरकार की तरफ से संचालन के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। केंद्र सरकार को लाइसेंस फॉरवर्ड कर दिया गया है। इससे उम्मीद इस माह के अंत तक यह मंजूरी मिल जाएगी। इससे जुलाई के प्रथम सप्ताह में मशीन चालू हो सकती है।
डेंगू के समय रोजाना 10-15 मरीजों को पड़ती है जरूरत
अगर यह मशीन चालू हो जाएगी तो काफी हद तक मरीजों को इसका फायदा मिलेंगी। जुलाई से सितंबर माह के बीच रोजाना 10-15 मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ती है। उस समय मशीन चालू होने से एक तो जिले स्तर पर इलाज होगा। वहीं प्लेटलेट्स की भागदौड़ आसानी से समाप्त हो जाएगी।
राज्य सरकार ने दी मंजूरी
राज्य सरकार की तरफ से लाइसेंस को मंजूरी मिल गई है। अब केवल केंद्र सरकार से अनुमति आना बाकी है। उसके बाद मशीन चालू हो जाएगी।
डॉ. पूजा यादव, प्रभारी ब्लड सेंटर, जिला अस्पताल