सीतापुर। जिला महिला अस्पताल में दलालों का बोलबाला है। चिकित्सक, आशा बहू व पैथोलॉजी संचालक सांठगांठ करके मरीजों की जेब खाली कर रहे हैं। अस्पताल में जांच की सुविधा होने के बावजूद बाहर से जांच लिख रहे हैं। फ्री में होने वाली जांच के लिए मरीजों को 700 से एक हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके बाद भी सीएमएस के स्तर से कार्रवाई नहीं हो रही है।
जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 400 महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। कुछ दिन पहले ही राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने यहां औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान तमाम मरीजों के पास बाहर से जांच की परची मिली थी। उन्होंने सीएमएस को सख्त हिदायत दी थी कि बाहर से जांच न लिखी जाए, लेकिन इसके बाद भी मरीजों को ठगा जा रहा है।
अमर उजाला ने इस निर्देश की हकीकत परखी तो कोई सुधार नहीं दिखाई दिया। ओपीडी से सीधे मरीजों को आशा बहू प्राइवेट पैथाेलॉजी में ले जाती दिखी। महिलाओं ने बताया कि बाहर से जांच कई चिकित्सक लिख रही हैं, जबकि यह जांच अस्पताल में मौजूद है।