पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हुई बारिश से रविवार को ठिठुरन बढ़ गई। बदली छाई रहने से दिन में रात का नजारा दिखा। सूर्यदेव दिन भर अपनी चमक बिखेरने के लिए बादलों से कशमकश करते रहे।
सर्दी का सितम देख लोग घरों में कैद होकर रह गए। इससे शहर की बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। अधिकतम पारे में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। जबकि न्यूनतम पारा 9 डिग्री पर स्थिर रहा।
शनिवार देर रात अचानक मौसम के मिजाज बदल गए। गरज-चमक के साथ होने बारिश शुरू हो गई। रातभर रुक-रुककर फुहारें पड़ती रहीं। बारिश और बदली के चलते रविवार सुबह कोहरा जल्दी छट गया। सुबह करीब नौ बजे आसमान में सूर्यदेव ने दर्शन दिए, लेकिन अगले ही पल बादलों की चादर ने उसे ढक लिया।
जिसके बाद सूर्यदेव दिनभर अपनी चमक बिखेरने को बादलों से जद्दोजहद करता रहा। बादलों की रवानी से दिन में कई बार रात सा नजारा देखने को मिला। लोग वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलने को विवश थे। शाम को बर्फीली हवा के कारण सिहरन भी बढ़ गई।
इससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हुए। ठंड से राहत पाने के लिए अलाव ही सहारा बना। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रविवार को आर्द्रता 87 प्रतिशत दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में सर्दी का प्रकोप जारी रहने के आसार हैं।