खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने शुक्रवार को सहगल आइस फैक्ट्री में छापा मारा। यहां कई अनियमितताएं मिलीं। बर्फ की सिल्लियों में मरे हुए कीड़े और मक्खियां थीं। बर्फ की जमाई जा रही सिल्लियों में कॉकरोच भी मरे पड़े थे। हर तरफ गंदगी का अंबार मिला।
संचालक के पास आइस फैक्ट्री का लाइसेंस भी नहीं था। अनियमितताएं पाए जाने पर आइस फैक्ट्री को सील कर दिया गया। साथ ही पानी की जांच के लिए तीन नमूने भी लिए गए। यह फैक्ट्री करीब पांच साल से चल रही थी। यहां पर प्रतिदिन सौ क्विंटल बर्फ बनाया जाता है। इसकी सप्लाई जिले भर में होती है।
पिछले कुछ दिनों से खैराबाद की आइस फैक्ट्री में अनियमितताओं की शिकायतें मिल रहीं थीं। इसी आधार पर सिटी मजिस्ट्रेट रामसेवक द्विवेदी व अभिहित अधिकारी वीके सहाय ने सहगल आइस फैक्ट्री पर छापा मारा। जांच के समय तीन सेक्शन में बर्फ जमाने का काम चल रहा था।
इन तीनों सेक्सनों की जांच की गई तो सिल्लियों में कीड़े-मकौड़े व कॉकरोच जमे मिले। कुछ ऐसी भी सिल्लियां मिलीं, जिनमें दो दर्जन से अधिक कीड़े-मकौड़े मिले। इसके अलावा परिसर में चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी। दीवारों पर गंदगी की परतें जमा थीं। व्यापारी से जब पानी की गुणवत्ता जांचने की रिपोर्ट मांगी तो वह भी खराब मिली।
जिस पर फैक्ट्री को सील कर दिया गया। टीम ने फैक्ट्री के तीनाें सेक्सनों से पानी के नमूने भरे हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी अमरेश कुमार ने बताया कि व्यापारी के सुधार करने तक फैक्ट्री सील रहेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। व्यापारी के पास खाद्य सुरक्षा का लाइसेंस भी नहीं था।