सीतापुर। धर्मांतरण के आरोप में जेल भेज गए युवक डेविड के तीन बैंक खातों को पुलिस ने सीज कर दिया है। जांच के दौरान सामने आया है कि धर्मांतरण के लिए युवक को बड़े पैमाने पर विदेश से भी फंडिंग की जाती थी। इसी से धर्मांतरण कराने वालों ने करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति भी बना ली है। पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी गांव के गरीब व भोले भाले लोगों को नौकरी व पैसे की लालच देकर धर्म परिवर्तन करा ईसाई बनाता था।
धर्मांतरण कराने वाला डेविड खुद एक निजी संस्था में नौकरी करने के दौरान ईसाई बना था। सदरपुर के शहबाजपुर बनी में बीते दिनों बनी एक चर्च में धर्मांतरण कराए जाने का मामला पकड़ा आया था। पुलिस ने इस मामले में ब्राजील के चार लोगों समेत कुल दस लोगों को हिरासत में लिया था। इस प्रकरण में प्रारंभिक जांच पड़ताल के बाद मामला दर्ज कर लखनऊ के थाना मडियांव निवासी डेविड और उसकी पत्नी रोहिणी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अब तक हुई जांच में सामने आया है कि डेविड मूल रूप से जौनपुर जनपद के शाहगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत लाखापूरब गांव का रहने वाला है। साल 2008 में डेविड ने एक एनजीओ में काम करने के दौरान ही धर्म परिवर्तन कर ईसाई बना था। एएसपी दक्षिणी एनपी सिंह ने बताया कि अब तक डेविड के तीन खातों को सीज किया गया है। आरोपी के एक भाई ने भी बीते दिनों अपना धर्म बदला था। बताया कि यह लोग गरीब तबके के लोगों को अपना निशाना बनाकर धर्म परिवर्तन कराते थे।
दो संस्थाएं भेजती थी तीन खातों में पैसा
विदेश की दो संस्थाएं डेविड के तीन बैंक खातों में रकम भेजती थी। इसका पता चलने पर पुलिस ने खाते सीज कर दिया है। वर्ष 2009 में डेविड ने रेहामा बाइबल कॉलेज से पास्टर की पढ़ाई के साथ दो अन्य कोर्स भी किए।
नागपुर में ही उसकी मुलाकात रोहिणी से हुई और दोनों 2011 में शादी कर लखनऊ में एक अन्य एनजीओ से जुड़ गए। इस एनजीओ के प्रबंध निदेशक को भी डेविड ने अपनी बातों में फंसा कर धर्म परिवर्तन के बाद ईसाई बना दिया। इसके साथ ही वह विदेश से ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार की किताबें भी मंगवा कर बेचने लगा। साल 2014 में उसने सहबाजपुर में चर्च बनाने के लिए एक जमीन भी खरीदी थी।
फंड जुटाने के लिए की तीन देशों की यात्रा
डेविड ने खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और धर्मांतरण को रफ्तार देने के लिए तीन देशों की यात्रा भी की। उसने साल 2018 में ब्राजील और 2019 में साउथ कोरिया के साथ अर्जेंटीना की यात्रा की। माना जा रहा है किब्राजील यात्रा के दौरान डेविड ने जिन लोगों से फंडिंग के लिए संपर्क किया था, वही लोग बीते दिनों चर्च में आए थे।