इन दिनों जिले की लगभग सभी झीलें रंग-बिरंगे विदेशी पक्षियों के कलरव से गुलजार हो रही हैं। जिससे झीलों का रूप निखरा-निखरा सा लग रहा है। यह मेहमान पक्षी जिले में आगामी फरवरी माह यानि चार माह तक रहेंगे और गर्मी शुरू होते ही यह पुन: साइबेरिया लौट जाएंगे।
जिले की सीमा रेउसा क्षेत्र में स्थित अज्जेपुर झील मेहमान पक्षियों के कलरव से गूंज रही है। सुबह होते ही इस झील में पक्षियों की अठखेलियां देखने को मिल रही हैं। विदेशी पक्षियों में साइबेरियन क्रेन, किंग फिशर जैसी प्रजातियां प्रमुख हैं। इनके अलावा भी विदेशी पक्षियों की 30 से अधिक प्रजातियां यहां की झीलों में पहुंचती हैं।
कमलापुर क्षेत्र की ज्योतिशाह आलमपुर झील, बिसवां क्षेत्र की तेदुआ झील समेत करीब 27 झीलों में हजारों की संख्या में विदेशी पक्षी पहुंच चुके हैं। इसके अलावा घाघरा नदी का तट भी इन पक्षियों के आमद से अछूता नही हैं। नदी के ऊपर उड़ते साइबेरियन पक्षी उस क्षेत्र को अलग ही रंग में समेटे हुए हैं।
वहीं पानी के ऊपर पक्षियों की अठखेलियां देखते ही बन रही हैं। शहरी क्षेत्र के लोग इन पक्षियों को देखने झीलों पर पहुंच रहे हैं। जो पक्षियों की अठखेलियों को देखकर आनंदित हो रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने जिले में पहुंचने वाले विदेशी मेहमानों की प्रजातियों की गिनती प्रारंभ नही की है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पक्षियों की गणना का कार्य चार दिसंबर से प्रारंभ किया जाएगा। जिसके बाद ही इस बात की पुष्टि की जा सकेगी कि इस जिले में कितने प्रजाति के विदेशी पक्षी झीलों व नदी के तट पर पहुंचे हैं। बहरहाल वनकर्मी इन पक्षियों पर निगरानी कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा के इंतजाम भी कर रहे हैं।