भाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व करीब आते ही बाजारों में राखी की दुकानें सज गई हैं। इन दुकानों पर अलग-अलग कीमतों की आकर्षक और डिजाइनर राखियां उपलब्ध हैं। खास यह कि इस बार बाजार से चाइनीज राखियां गायब हैं।
शहर के लालबाग, घंटाघर, आंख अस्पताल मार्ग, स्टेशन रोड इलाके में राखियों का बाजार सज गया है। बाल हनुमान, बाल गणेश, छोटा भीम, छुटकी की वाली राखियां बच्चों को काफी लुभा रही हैं। राखी की दुकान सजाए महेंद्र व बबलू दीक्षित ने बताया कि बाजार में पांच रुपये से लेकर 200 रुपये तक की राखियां हैं।
पांच रुपये में धागे से बनी राखी है जबकि 10 रुपये में रेशमी और सूती धागों के राखियां हैं। इसके अलावा 20 से 40 रुपये तक फैंसी डोरियां भी मिल रही हैं। महंगी राखियों में 50 से लेकर 100 रुपये में मोतियों और स्टोन से पिरोई गई राखियां भी हैं।
बस स्टेशन, जीआईसी चौराहा, चुंगी चौराहा, सिविल लाइंस आदि इलाकों में भी रंगबिरंगी राखी दुकानें ग्राहकों को खूब लुभा रहीं हैं। दुकानदार कामता व प्रमोद ने बताया कि पॉकेट के मुताबिक आकर्षक राखियां भी बाजार में उपलब्ध हैं। बच्चों को लुभाने के लिए स्पाइडरमैन, बाल हनुमान, बाल गणेश, छोटा भीम, छुटकी की वाली राखियां भी हैं।
राखी विक्रेताओं ने इस बार चाइनीज राखियों से तौबा कर ली है। दुकानदारों के मुताबिक चाइनीज वस्तुओं के बहिष्कार को देखते हुए चाइनीज माल बेचना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। ज्यादातर दुकानदार भी चाइनीज राखी बेचने के खिलाफ हैं।