सीतापुर। शहर के सरोजनी वाटिका में टूटे झूले बच्चों को निराश कर रहे हैं। मरम्मत न होने से झूलों की भी हालत जर्जर अवस्था में है। देखरेख के अभाव में ज्यादातर झूलों में जंग लगा है। कई बार बच्चे इन जर्जर झूलों की चपेट में आकर चोटिल भी हो चुके हैं।
स्कूली में सर्दी की छुट्टी होने के बाद बच्चे धूप निकलने पर अपने अभिभावकों के साथ पार्कों का रुख कर रहे हैं, लेकिन पार्कों में टूटे झूले देखकर बच्चों का मन निराश हो जाता है। महावीर पार्क में बच्चों के लिए कोई भी झूला नहीं लगा है। इस वजह से ज्यादातर अभिभावक बच्चों को लेकर सरोजनी वाटिका पहुंचते हैं।
यहां पर बच्चों के लिए लगे कुछ झूले टूट चुके हैं तो कुछ टूटने की कगार पर हैं। पार्क में बच्चों को लेकर आए अभिभावकों का कहना हैं कि जिम्मेदारों को पार्कों के रखरखाव पर ध्यान देना चाहिए। यहां बच्चों के लिए नए झूले लगवाना चाहिए और जो पुराने टूट चुके हैं उनकी मरम्मत करवानी चाहिए।