दिवाली पर घर-आंगन बाजार सब कुछ रोशनी से जगमग हो गया। शनिवार को बाजारों में खरीदारों का जोश देखते ही बनता था। लइया-चूरा, बताशा, मिठाई, खीली, माला, दीये की दुकानों पर लोगों का रेला दिखा। वहीं शुभ मुहूर्त में गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति खरीदने के लिए लोग शाम का इंतजार करते रहे। सुबह से शुरू हुआ खरीदारी का दौरान देर रात 2 बजे तक चलता रहा।
दिवाली के लिए शनिवार सुबह से ही बाजारों में भीड़ उमड़ने लगी थी। लैया, चूरा, मिठाई, खील, बताशा भी लोगों ने खरीदा। लैया चूरा, खील, भुरकी के दामों में बीते वर्ष की तुलना में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई पर बिक्री पर इसका असर नहीं देखा गया।
लइया चूरा विक्रेता श्याम जी, रूपेश भोजवाल, विनोद आदि ने बताया कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार लोगों ने अधिक खरीदारी की। वहीं पटाखा बाजार में भी देर रात तक रौनक रही। लोगों ने आतिशबाजी के आइटमों की जमकर खरीदारी की।
दीपावली को लेकर कांशीराम कॉलोनी से लेकर कैंट स्टेशन तक समूचा बाजार सजा था। इसके अलावा मोहल्लों में भी पटाखा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों व मूर्तियों की दुकानें सजी रहीं। इन्हीं दुकानों पर देर रात तक रौनक छायी रही।