आर्थिक तंगी से परेशान एक युवक ने मंगलवार सुबह फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसका शव आम के बाग में फंदे से लटका मिला। चार माह पहले ही उसके पिता ने फसल बर्बाद होने व कर्ज के कारण आत्महत्या की थी।
तब प्रशासन ने मदद दिलाने का आश्वासन दिया था लेकिन परिवार को अब तक कोई आर्थिक मदद नहीं मिल सकी है। उधर, खबर पाकर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। लेखपाल ने भी जांच की।
पिता-पुत्र की मौत के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के रवैये को लेकर काफी गुस्सा है। मामला नरही इलाके का है।
शहर कोतवाली के नरही निवासी दिनेश कुमार (21) पुत्र स्व. उमेश कुमार शर्मा ने मंगलवार सुबह गांव के सामने आम के बाग में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
परिवारीजनों से सूचना पाकर इंस्पेक्टर दीपक शुक्ला मौके पर पहुंचे और जांच की। दिनेश के मामा राजेश प्रसाद ने बताया कि दिनेश आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। उसके कंधे पर पूरे परिवार का बोझ था।
करीब चार माह पहले ओलवृष्टि से उसकी पूरी फसल बर्बाद हो गई थी। कर्ज के कारण दिनेश के पिता उमेश ने भी घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। तब जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद दिलाने के लिए लिखापढ़ी की थी लेकिन कुछ नहीं मिला।
वहीं फसल का मुआवजा भी नहीं मिल सका था। बैंक के अलावा साहूकारों से लिया गया डेढ़ लाख रुपये कर्ज न लौटा पाने से वह परेशान था। इसी से आजिज होकर दिनेश ने फांसी लगाकर जान दे दी।
पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जानकारी होने पर जिला प्रशासन की ओर से लेखपाल ने मौके पर जाकर जांच की है।