सीतापुर। कोविड-19 उल्लंघन में फंसे करीब 25 व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार कोविड-19 उल्लंघन में दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने जा रही है। इससे व्यापारियों की मुश्किलें दूर हो जाएंगी। कोविड-19 के दौरान लॉकडाउन हुआ था। लॉकडाउन में शासन ने गाइडलाइन जारी की थी। इसका पालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन बेहद चौकन्ना था। तमाम कोशिशों के बाद भी लोग कोविड-19 की गाइडलाइन का उल्लंघन करने से बाज नहीं आए थे।
इसमें कुछ व्यापारी भी थे। ऐसे में पुलिस ने कोविड-19 का उल्लंघन करने वालों को काबू करने के लिए उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। ये मुकदमे आम से लेकर कुछ खास लोगों पर भी लिखे गए थे। कई व्यापारियों के खिलाफ भी पुलिस ने केस दर्ज किया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिलेभर में पुलिस ने लॉकडाउन उल्लंघन के सैकड़ों मुकदमे दर्ज किए थे। पुलिस विभाग के जानकार बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान कोविड-19 उल्लंघन करने के मामले में जिले के थाना-कोतवालियों में करीब 234 मुकदमे दर्ज हुए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन मुकदमों में करीब 10 फीसदी यानी लगभग 20-25 मुकदमे व्यापारियों के खिलाफ दर्ज हुए थे। इसी बीच शासन से राहत भरी खबर आई। शासन ने व्यापारियों की चिंताओं को देखते हुए उनके खिलाफ दर्ज लॉकडाउन उल्लंघन के केस वापस लेने का ऐलान किया है।
अच्छी बात है कि व्यापारियों के खिलाफ दर्ज लॉकडाउन उल्लंघन के केस सरकार वापस लेने जा रही है। इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी। व्यापारियों से सरकार को बड़ा राजस्व मिलता है। शासन ने व्यापारियों पर दर्ज लॉकडाउन उल्लंघन के वापस लेने की पहल कर सराहनीय काम किया है।
कमल नयन आर्य, व्यापारी
सरकार की व्यापारियों के प्रति अच्छी सोच का स्वागत है। इससे व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होगा। व्यापारियों को राहत मिलेगी। व्यापारियों पर दर्ज लॉक डाउन उल्लंघन के केस वापस लेना, शासन की व्यापारियों के प्रति अच्छी सोच को दर्शाता है।
विनोद सिंह, व्यापारी
व्यापारियों की परेशानी को शासन ने गंभीरता से लिया है। इसमें शासन ने लॉकडाउन किया था। उल्लंघन होने पर केस दर्ज हुए थे। व्यापारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर सरकार अच्छी पहल करने जा रही है। इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी।
मनीष लाट, व्यापारी
सरकार का ये कदम सराहनीय है। व्यापारी ने लॉकडाउन में जान बूझकर नियमों की अनदेखी नहीं की होगी। कम से कम सरकार ने व्यापारियों के बारे में सोचा तो। लॉकडाउन में दर्ज मामले वापस लेने से जिन व्यापारियों पर केस हुए थे, उन्हे कानूनी अड़चनों से राहत मिलेगी।
मुकेश अग्रवाल, व्यापारी