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श्रद्धालुओं पर चढ़ी कार, महिला की मौत

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लहरपुर क्षेत्र में गनेशपुर गांव के निकट महिला को कार से टक्कर मारने के बाद मौके पर जमा भीड़। (संवा? - फोटो : SITAPUR
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लहरपुर (सीतापुर)। कोतवाली इलाके में सीतापुर मार्ग पर गनेशपुर स्थित एक मंदिर जा रहीं महिला श्रद्धालुओं के जत्थे पर एक तेज रफ्तार चालक ने कार चढ़ा दी। हादसे में 15 महिलाएं जख्मी हो गईं। जख्मी महिलाओं में से एक महिला ने सीएचसी में दम तोड़ दिया, जबकि अन्य महिलाओं का इलाज चल रहा है। हादसे के बाद लोगों ने कार को मय चालक के पकड़ लिया है। उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के गनेशपुर गांव से महिलाएं सड़क पर दंडवत करते हुए सोमवार की सुबह क्षेत्र के मातन पुरवा स्थित शीतला देवी माता मंदिर जा रही थीं। इसी बीच जिला मुख्यालय की ओर से लहरपुर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार महिलाओं पर चढ़ गई। इस हादसे में क्षेत्र के ही नेरिया गांव निवासी निरुपमा देवी (35), शांति देवी, उषा देवी, पुष्पा देवी, प्रेमवती, रामपति, शांति देवी, कल्पना देवी, ममता देवी, दुलारी व संपती सहित करीब 15 महिलाएं जख्मी हो गईं।
हादसे के बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। साथ ही जख्मी महिलाओं को फौरन सीएचसी लहरपुर ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने निरुपमा देवी को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर रूप से जख्मी शांति देवी को चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अन्य महिलाओं का सीएचसी में इलाज चल रहा है। कुछ महिलाओं को मामूली चोट आई थीं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने चालक को कार सहित पकड़ लिया। जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
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पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कार को कब्जे में लेकर तालगांव निवासी कार चालक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले में कार चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
दंडवत करते हुए जा रही थी मंदिर
लहरपुर कोतवाली इलाके में गनेशपुर गांव के पास हुए हादसे में मारी गई नेरिया गांव की निरूपमा दंडवत कर रही थीं। बताते हैं कि निरूपमा ने कोई मन्नत मानी थी। मन्नत पूरी होने पर वह दंडवत करते हुए मंदिर जा रही थी। उसके साथ गांव की दर्जनों महिलाएं थी। अन्य महिलाएं पीछे पीछे चलते हुए ढोल बजा कर भजन गा रही थीं। इसी बीच अनियंत्रित होकर कार महिलाओं पर चढ़ गई। निरूपमा दंडवत के वक्त लेटी थी और कुचलने से उसकी मौत हो गई, जबकि अन्य महिलाओं को चोट आई हैं।
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