सीतापुर। जिले में हर वर्ष चार माह तक सैकड़ों गांवों को बाढ़ की विभीषिका का सामना करना पड़ता है। इस बार जिला प्रशासन ने इस पुरानी समस्या को जड़ से समाप्त करने की कवायद शुरू की है। इस वर्ष शारदा नदी की धारा को शिफ्ट कर सैकड़ों गांवों को बाढ़ से बचाने की तैयारी हो रही है।
कोल्हूपुरवा में ड्रेजिंग का काम कराया जा रहा है। यह ड्रेजिंग का काम लगभग साढ़े चार किलोमीटर तक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शारदा नदी की धारा को कोल्हूपुरवा, देवपालपुर और बसंतापुर के दाहिनी ओर से बाईं ओर शिफ्ट करना है। इससे बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सकेगा। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के कार्याें का निरीक्षण किया।
उन्होंने लहरपुर तहसील के तटीय क्षेत्रों में सिंचाई विभाग की परियोजनाओं की गुणवत्ता परखी। बाढ़ से पूर्व सभी कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया। इस दौरान वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के संकरे व ऊबड़ खाबड़ मार्गाें पर भी गए। उन्होंने 10 किलोमीटर क्षेत्र का भ्रमण कर शारदा नदी परियोजना के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने रतौली गांव में संचालित स्टड परियोजना का भी निरीक्षण किया।
परियोजना से नंदूपुरवा, गंगापुरवा, रतौली और सुजाबाद गांवों को बाढ़ से सुरक्षा दी जाएगी। करीब आधे किलोमीटर क्षेत्र में 11 जियो बैग स्टड का निर्माण प्रस्तावित है। इसमें से आठ पर कार्य प्रगति पर है। डीएम ने इन सभी कार्याें को देखा। उन्होंने कहा कि बाढ़ के साए को इस क्षेत्र से हमेशा के लिए हटाना ही प्रथम लक्ष्य है। कहा कि शारदा व घाघरा नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में प्रतिवर्ष बाढ़ आने से जान-माल की व्यापक क्षति होती है।
विशेष रूप से गांजर क्षेत्र के कई गांव प्रभावित होते हैं। इससे जनहानि, पशुहानि, बिजली आपूर्ति में बाधा, परिवहन अवरुद्ध होने के साथ नागरिकों को रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्हाेंने अधिशासी अभियंता सिंचाई विशाल पोरवाल को सभी कार्य निर्धारित समय में कराने का निर्देश दिया। इस दौरान ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को भी सुना और समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम आकांक्षा गौतम व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।