खैराबाद। जिले की करीब 200 वर्ष पुरानी पारंपरिक दरी कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने के लिए शनिवार से दो दिवसीय प्रथम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन शुरू होगा। कनवाखेड़ा मार्ग स्थित रस्योरा के सीतापुर शिक्षा संस्थान समूह में 24 और 25 अक्तूबर को आयोजित होने वाले सम्मेलन की तैयारियां को अंतिम रूप देने में शुक्रवार को अधिकारी व कर्मचारी जुटे रहे।
सम्मेलन में नौ देशों और आठ राज्यों से खरीदारों के शामिल होने की संभावना है। इससे स्थानीय बुनकरों और हस्तशिल्प कारोबारियों को अपने उत्पादों के लिए नया बाजार मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर की पहल पर एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत आयोजित इस सम्मेलन में सीतापुर की प्रसिद्ध हस्तनिर्मित दरियों के साथ स्थानीय हस्तशिल्प और उद्यमों को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन स्थल पर कुल 45 स्टाल तैयार किए गए हैं।
इनमें 35 स्टाल ओडीओपी उत्पादों और 10 स्टाल ओडीओसी उत्पादों के लिए लगाए गए हैं। इन स्टालों के माध्यम से कारीगर अपनी कला, उत्पादों की गुणवत्ता और निर्माण की विशेषताओं को