शहर के कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में बिगुल फूंक दिया है। सीतापुर कपड़ा कमेटी ने मंगलवार को पहले मंडी में प्रदर्शन किया फिर अपनी दुकानों पर काला झंडा लगाकर विरोध जताया।
शाम को कपड़ा व्यापारियों ने लालबाग चौराहे से मशाल जुलूस निकला। यह विरोध प्रदर्शन 30 जून तक लगातार जारी रहेगा। कपड़ा कमेटी ने 30 जून को दुकानों में तालाबंदी कर जीएसटी के विरोध में आवाज मुखर करने का एलान किया।
केंद्र सरकार एक जुलाई से गुड एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू करने वाली है। सरकार की मंशा जीएसटी के माध्यम से पूरे देश में एक समान कर व्यवस्था लागू करना है। इस कर प्रणाली में सभी वस्तुओं और सेवाओं को अलग-अलग टैक्स स्लैब में रखा गया है।
सबसे कम टैक्स 5 प्रतिशत जबकि सबसे ज्यादा टैक्स 28 प्रतिशत है। जीएसटी लागू होने की तारीख करीब आते ही इसका विरोध भी शुरू हो गया है। शहर में कपड़ा कारोबारियों ने जीएसटी के विरोध में आंदोलन छेड़ दिया है।
सीतापुर कपड़ा कमेटी इस प्रणाली को बेहद जटिल, कपड़े पर महंगाई बढ़ाने वाला करार दे रही है। व्यापारियों के मुताबिक कपड़ा मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता है, आजादी के बाद से अभी तक कपड़े पर किसी भी तरह का टैक्स लागू नहीं किया जा रहा है। इसलिए कपड़े को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाए।
जीएसटी के विरोध में आंदोलन की वृहद रूपरेखा सीतापुर कपड़ा कमेटी ने तय की है। आंदोलन के पहले दिन मंगलवार को सुबह कपड़ा व्यापारियों ने मंडी में प्रदर्शन किया, बाद में विरोध स्वरूप अपनी दुकानों पर काला झंडा लगाया।
जबकि शाम को मशाल जुलूस निकाला। विरोध का यह क्रम 29 जून तक चलेगा। कपड़ा कारोबारियों ने 30 जून को अपनी दुकानों में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन करने की बात कही है।