संदना/गोंदलामऊ। सिधौली-मिश्रिख मार्ग पर शुक्रवार सुबह नौ बजे बाइक सवार को बचाने के प्रयास में श्रद्धालुओं की एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में बाइक सवार व्यक्ति, बस चालक व एक श्रद्धालु की मौत हो गई। 17 श्रद्धालु घायल हुए हैं। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। घायलों का सीएचसी मछरेहटा व जिला अस्पताल में उपचार जारी है।
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से श्रद्धालुओं का एक दल बृहस्पतिवार को नैमिषारण्य पहुंचा। शुक्रवार सुबह दर्शन पूजन के बाद एक बस और एक मिनी बस में सवार 62 श्रद्धालु अयोध्या जा रहे थे। इसी दौरान संदना के मिरकापुर गांव के मजरा आमाघाट निवासी ओमप्रकाश (57) पत्नी के साथ बाइक से कहीं जा रहे थे। संदना में बरगदिया गांव के पास ओमप्रकाश की बाइक एकाएक बस के सामने आ गई। चालक ने बचाने का प्रयास किया तो बस अनियंत्रित हो गई और बाइक सवार ओमप्रकाश बस की चपेट में आ गए। इसके बाद बस सड़क किनारे खड्डे में जाकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में ओमप्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई। बस में सवार 50 लोग अंदर ही फंस गए।
स्थानीय ग्रामीणों व सहयात्रियों की मदद से पुलिस ने श्रद्धालुओं को बस से निकाला। हादसे में बस चालक व 18 श्रद्धालु घायल हो गए। इनमें शिवकुमार (40), राघवम्मा (42), वाई श्रीनिवास राव (56), कमनैनी (55), पद्मा (50), आनंद कुमार नाइक (65), डी श्रीनिवास राव (58), नागा राजकुमारे (58), साईं (25), रमेश (58), ललिता (52), फैंवी तेजा (28), भारती (60), प्रियंका (30), साईं राम (30), गायत्री (50), प्रवीण (50) व डॉक्टर तेजा (25) और बस चालक यशवीर (32) हैं।
सभी घायलों को सीएचसी मछरेहटा, गोंदलामऊ व जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सीएचसी मछरेहटा में इलाज के दौरान आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले के नरसा राव पेटा निवासी शिवकुमार (40) की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल बस चालक आगरा निवासी यशवीर को जिला अस्पताल से ट्राॅमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान यशवीर की भी मौत हो गई।
सुंदरानंद आश्रम में रोके गए श्रद्धालु
डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने एसपी अंकुर अग्रवाल के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। जेसीबी व क्रेन मंगाकर बस को खड्ड से निकालवाकर थाने भेजा गया। इसके बाद अन्य श्रद्धालुओं को संदना के सुंदरानंद आश्रम पहुंचाया गया। वहां उनके भोजन व ठहरने की व्यवस्था की गई।
देर शाम होटल में शिफ्ट किए गए
जिलाधिकारी डॉ राजा गणपति आर ने बताया कि संदना में बस हादसे के बाद श्रद्धालुओं को सुंदरानंद आश्रम में ठहराया गया। वहां उन्हें भोजन कराया गया। घायलों का उपचार कराया जा रहा है। उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है। हादसे में मृत श्रद्धालु व बस चालक के शव एंबुलेंस से उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। अन्य श्रद्धालुओं को देर शाम आश्रम से एक होटल में शिफ्ट करा दिया गया। शनिवार सुबह श्रद्धालु आंध्र प्रदेश के लिए प्रस्थान करेंगे।
कोई खिड़की से झांक रहा था तो कोई कर रह था जप
सीतापुर। हादसे के चश्मदीद आंध्र प्रदेश के पलनाड निवासी तेजा और उनकी मां गायत्री ने जिला अस्पताल में आंखों देखा हाल बताया। दोनों ने बताया कि बस आराम से जा रही थी। कुछ लोग भगवान का जाप कर रहे थे। कुछ लोग खिड़की के बाहर झांक रहे थे। अचानक से एक बाइक बस के सामने आ गई। चालक ने बचाने की कोशिश तो की लेकिन बस उससे टकरा गई। इसके बाद बस सड़क किनारे खड्ड में चली गई और पेड़ से टकराकर पलट गई। बस में खिड़की के पास बैठे कुछ श्रद्धालु बाहर निकले। गायत्री ने बताया कि वह बेटे के साथ किसी तरह बाहर आ गईं लेकिन पति प्रवीण कुमार बस में फंस गए। उनको निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पति के बाएं पैर का अंगूठा फ्रैक्चर हुआ है। उन्होंने बताया कि एक फोन व कुछ सामान बस में ही रह गया है।
गांव के ही ट्रैवल एजेंट ने बुक किया था टूर
गायत्री ने बताया कि उन्होंने अपने गांव में ही एक ट्रैवल एजेंसी के जरिए पूरा टूर बुक किया था। कंपनी के मालिक ने बताया था कि बस उनको लखनऊ में मिलेगी। वह सभी हैदराबाद से हवाई यात्रा कर बृहस्पतिवार शाम तक लखनऊ हवाई अड्डे पर आ गए थे। वहीं पर एक बस आ गई थी। जो कि सभी को लेकर नैमिषारण्य पहुंची। इसके बाद वह सभी शुक्रवार सुबह अयोध्या जा रहे थे।
उठो पापा हमसे बात करो... किरन की चीत्कार से नम हुई लोगों की आंखें
सीतापुर। हाय पापा... कहां छोड़कर चले गए, हमको भी अपने साथ ले चलो। भइया पापा को उठाओ न, हमसे बोलत नाय हैं। मम्मी तुम कहां हो, पापा से बोलो हमसे बात करें। सीएचसी मछरेहटा में शुक्रवार को बस हादसे में मृत ओमप्रकाश की 15 वर्षीय पुत्री किरन की चीत्कार जिसने भी सुनी द्रवित हो गया। परिजनों ने किरन को समझाया। किरन को देखकर सबकी आंखें नम हो गईं। किरन को रिश्तेदारों के साथ कुछ तीमारदारों ने भी ढांढस बंधाया। मिरकापुर गांव से आए ग्रामीणों ने बताया कि ओमप्रकाश के तीन पुत्र व एक पुत्री किरन है। किरन अपनी नानी के घर में रहकर मिश्रिख के राज राजेश्वरी देवी महाविद्यालयम में पढ़ाई करती हैं। ओमप्रकाश ने हाईस्कूल में किरन के अच्छे नंबर आने पर मिठाई खिलाकर शाबाशी दी थी। किरन अपने पिता को याद कर बिलखती रही। कुछ देर बार परिजन किरन को घर ले गए।
27 दिन पूर्व इसी जगह हुआ था भीषण हादसा
गोंदलामऊ। सिधौली मिश्रिख मार्ग पर जिस स्थान पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई, ठीक इसी स्थान पर 27 दिन पहले कार और ई रिक्शा की भिड़ंत हुई थी। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी और आठ लोग घायल हुए थे।
बरगदिया निवासी सुनील सिंह, आमाघाट निवासी भारतेंदु मिश्र व जैनापुर निवासी रामजी का कहना है कि इस जगह को ब्लैक स्पॉट घोषित करना चाहिए। कई बार जिम्मेदारों को इस बारे में बताया गया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बताया कि 26 अप्रैल को इसी जगह हादसा हुआ था। उसमें लखनऊ निवासी संजय श्रीवास्तव (30) की मौत हो गई थी। वहीं, सरोसा निवासी धीरेंद्र त्रिपाठी, बैजनाथ, गुड्डी देवी, भोलाशंकर, भनवापुर निवासी रामआसरे व उनकी पत्नी डॉली, कंचन व दीपक घायल हो गए थे। (संवाद)
बस से घायलों को निकालती पुलिस व ग्रामीण, मृतक ओमप्रकाश की बेटी किरन को ढांढस बंधातीं परिवार की
बस से घायलों को निकालती पुलिस व ग्रामीण, मृतक ओमप्रकाश की बेटी किरन को ढांढस बंधातीं परिवार की
बस से घायलों को निकालती पुलिस व ग्रामीण, मृतक ओमप्रकाश की बेटी किरन को ढांढस बंधातीं परिवार की